यातायात जाम की व्यवस्था से दीवाली हो रही हैं फीकी, महाराज बाड़े-सराफा बाजार में हर 10 मिनट में लग रहा जाम
ग्वालियर. दीवाली के पावन त्यौहार की खरीदारी का उत्साह चरम पर है। लेकिन शहर के मुख्य बाजारों की बदहाल यातायात व्यवस्था ने लोगों की दीवाली की चमक फीकी कर दी है। शहर के ऐतिहासिक केन्द्र महाराज बाड़ा, दौलतगंज, सराफाबाजार -माधौगंज जैसे व्यस्त बाजारांें में इस वक्त हालात यह हैं कि हर 10 मिनट में लम्बा यातायात का जाम लग रहा है। जिससे राहगीर और खरीदारी करने वालों का बेहाल है। जाम की हालात ठीक करने के लिये सराफा व्यवसाईयों ने हाईकोर्ट की शरण जाकर जनहित याचिका भी दायर की है।
दीवाली त्यौहार के मौसम में प्रतिदिन सिर्फ महाराज बाड़े पर 5-7 हजार महिला-पुरूष खरीदारी के लिये पहुंच रहे है। इन बाजारों में हालात सुधारने और यातायात को सुगम बनाने के लिये सराफा बाजार, दौलतगंज और माधौगंज इलाके में एक हजार से ज्यादा दो पहिया और चार पहिया वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं।
जाम से मुक्ति दिलाने के लिये बहा रहे पसीना
भारी वाहनों के प्रवेश से कुछ देर के लिए जाम के हालात जरूर बनते हैं, जिन्हें तुरंत मशक्कत कर खुलवा दिया जाता है। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद, जब तक शहर में अतिरिक्त पार्किंग स्थलों का इंतजाम नहीं होता, तब तक ग्वालियरवासियों को इस त्योहारी सीजन में जाम के इस चक्रव्यूह से जूझना ही पड़ेगा।वहीं, स्थिति को लेकर कंपू यातायात थाना प्रभारी ने सफाई देते हुए कहा कि सभी संवेदनशील प्वाइंट्स पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि पैदल चलने वाले खरीदारों को असुविधा न हो।
स्थिति को संभालने के लिए यातायात पुलिस के दो थानों का बल मुस्तैद है, जो जाम खुलवाने में पसीना बहा रहा है, लेकिन वाहनों के भारी दबाव के आगे यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
जाम की इस गंभीर समस्या का एक बड़ा कारण पार्किंग की भारी कमी है। महाराज बाड़े के पास सिर्फ दो वाहन स्टैंड संचालित हैं—एक नगर निगम का और दूसरा प्राइवेट ठेके पर। निगम स्टैंड में मात्र 100 वाहन और प्राइवेट स्टैंड में 300 वाहनों को खड़े करने की क्षमता है। ऐसे में हजारों वाहनों के सामने यह क्षमता बेहद कम है, जिसके चलते लोग सड़क पर वाहन खड़े करने को मजबूर हैं। अपनी पत्नी के साथ खरीदारी करने पहुंचे स्थानीय नागरिक मदन मोहन गुप्ता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, “शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बेहद खराब है। हम महाराज बाड़े तक पहुंचने में आधे घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसे रहे, और यहां पार्किंग व्यवस्था तो पूरी तरह थर्ड क्लास है।”