मदरसे से रेस्क्यू किये गये बच्चों को लेने पहुंचे परिजन, सीडब्ल्यूसी कार्यालय के बाहर नागपुर की महिला हुई बेहोश, 23 बच्चे परिवारों के हवाले किये
ग्वालियर. एजी ऑफिस परिसर में स्थित दारूल कुरआन मदरसे से रेस्क्यू किये गये 26 बच्चों में से 23 मंगलवार को बाल कल्याण समिति (सीडब्थ्ल्यूसी) ने उनके परिजनों को सौंप दिया। सोशल इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट (एसआईआर) पूरी होने और परिजनों के शपथ पत्र जमा करने केबाद बच्चों को बाल गृह से छोड़ गया है। वहीं, दस्तावेजों का सत्यापन पूरा नहीं होने की वजह से 4 बच्चों को फिलहाल बालगृह में ही रखा गया है।
कागजी प्रकिया से परेशान हुए परिजन और महिला बेहोश
पिछले 5 दिनों से ग्वालियर में रूके हुए परिजनों को जरूरी दस्तावेज और शपथ पत्र जुटाने में काफी परेशानी हुई। मंगलवार की शाम सीडब्ल्यूसी कार्यालय के बाहर नागपुर से आयी एक महिला तनाव-थकान की वजह से बेहोश हो गयी। परिजनों का कहना था कि प्रशासन सभी औपचारिकतायें, उन्ही से पूरी करवा रहा है। हालांकि उनका दावा था कि बच्चे पहले कभी प्रताड़ना या मारपीट की शिकायत नहीं करते थे।
जरूरी अनुमतियों के बिना चल रहा था मदरसा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मदरसा संचालक केवल फर्म्स एंड सोसायटी के पंजीयन के आधार पर इसका संचालन कर रहे थे। वे मदरसा चलाने के लिए जरूरी वैधानिक अनुमतियां पेश नहीं कर सके। छापेमारी के दौरान बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं और बिस्तरों की कमी मिली थी। खाने की व्यवस्था भी बदहाल बताई गई। प्रशासन अब बाल कल्याण समिति की विस्तृत अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद बच्चों को अवैध रूप से रखने और नियमों के उल्लंघन के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।