एलिवेटेड रोड गर्डर लांच होते गिरे गर्डर की क्वालिटी टेस्ट, पांच लैबों की टीम ने लिये सैम्पल
ग्वालियर. स्वर्ण रेखा नदी पर बनाये जा रहे एलिवेटेड रोड के निर्माण की क्वालिटी जांच के लिये तैयार गर्डर और दूसरे निर्माणों की सैम्पलिंग करायी गयी है। यह सैंपलिंग पहले चरण में जलालपुर चौराहे के पास से लक्ष्मीबाई समाधिस्थल से बन रहे हिस्से के लिये की गयी है। क्योंकि पिछले दिनों खेड़ापति मंदिर के पास हाइड्रोलिक पाइप फटने की वजह से गर्डर गिने के बाद लगातार गुणवत्ता पर सवाल उठाये जा रहे है। जिसके बाद से यह टेस्टिंग कराने का निर्णय लिया गया था। लोक निर्माण विभाग के सेतु संभाग सेक्शन ने रविवार का 5 लैब प्रतिनिधियों को बुलाकर सैंपलिंग करायी। सैम्पलिंग जलालपुर चौराहे के पास कंस्ट्रक्शन ठेकेदार की कम्पनी श्री मंगलम बिल्डकॉन के बेस कैम्प से कराये गये।
सभी सैम्पल गिरे गर्डर से कराये गये है। इन सभी सैम्पलों की रिपोर्ट अगले 3 दिनों में आयेगी और उसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जायेगी। उल्लेखनीय है कि एलिवेटेड रोड के पहले चरण के काम की बीच में 16 अप्रैल को गर्डर गिररने एक मजदूर घायल हो गया था।
इन लैबों ने भरे सैम्पल
आशोका, राजनंदनी, भार्गव, सैनेट्स, और एसएसबी लैब आदि।
इसकी 2 सैंपलिंग हुई
1. नॉन डिस्ट्रक्टिव: इस टेस्टिंग में कोई कटिंग नहीं होती। टेस्टिंग मशीन को गर्डर के ऊपर लगाकर उसकी स्ट्रेंथ चेक की गई।
2. डिस्ट्रक्टिव:लैब टीमों ने गर्डर में अलग-अलग जगह से कोर काटे। इन कोर की कंप्रेस मशीन में टेस्टिंग होगी, तब स्ट्रेंथ पता चलेगी।
सैंपलिंग की रिपोर्ट का है इंतजार
निर्माण गुणवत्ता की जांच समय-समय पर होती है। हाल ही में गर्डर गिरा था उसकी क्वालिटी चेक के लिए सैंपलिंग कराई है। रिपोर्ट आने पर कार्यवाही होगी।
जोगिंदर यादव, कार्यपालन यंत्री/ सेतु संभाग