सरकार चुनाव जीतना चाहती है या PAK से निपटना, उसी से तय होगा आगे का रास्ता: मेनन

पुलवामा हमले के बाद भारत की एयर स्ट्राइक का जवाब देते हुए पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया. इस ऑपरेशन में पाकिस्तान की हिरासत में गए भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन की शुक्रवार देर रात वतन वापसी हो गई है, जिसके बाद से चर्चा ये है कि भारत का अगल कदम क्या होगा. इसी सवाल पर पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने कहा कि अगला कदम इस आधार पर तय होगा कि सरकार पाकिस्तान या आतंक के खिलाफ काम करना चाहती है या चुनाव जीतना चाहती है.

दिल्ली में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2019 में शिरकत करने पहुंचे शिवशंकर मेनन से सवाल किया गया कि अब पाकिस्तान और आतंकवाद पर भारत क्या करेगा. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि आप (सरकार) आगे क्या करना चाहते हैं, यह इस पर निर्भर करता है कि आप चाहते क्या हैं. चुनाव जीतना चाहते हैं, पाकिस्तान को हराना चाहते हैं या आतंकवाद का सफाया चाहते हैं?

इन तीन विकल्पों पर शिवशंकर मेनन ने अलग-अलग राय रखी. उन्होंने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान का रवैया बदलना चाहते हैं तो इसके लिए एक ही रणनीति पर आगे नहीं बढ़ा जा सकता. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सरकार है, व्यापारी है, सेना है और आतंकी भी हैं. भारत की असल समस्या वहां की सेना और आतंकी हैं, इसलिए एक ही तरीके से आगे नहीं बढ़ा जा सकता. मेनन ने कहा कि इसके लिए सरकार को सेना से लेकर राजनयिक स्तर तक सभी रास्ते अपनाने होंगे.