जेसी मिल श्रमिकों के स्वत्वों का समाधान इंदौर के हुकुमचंद मिल की तर्ज पर होगा
ग्वालियर – जेसी मिल श्रमिकों के स्वत्वों संबंधी समस्याओं का समाधान इंदौर के हुकुमचंद मिल की तर्ज पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गत 4 जनवरी को ग्वालियर प्रवास के दौरान इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में जेसी मिल के श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इस कड़ी में भोपाल से आए अधिकारियों के दल ने जेसी मिल क्षेत्र का भ्रमण कर वस्तुस्थिति जानी और निराकरण की रूपरेखा को आगे बढ़ाया। साथ ही कलेक्टर अक्षय सिंह की मौजूदगी में जेसी मिल श्रमिक यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर श्रमिकों के स्वत्वों से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के अपर आयुक्त शैलेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में भोपाल से आए दल में इंदौर के हुकुमचंद मिल प्रकरण की सीए फर्म मैसर्स मुच्छल एण्ड गुप्ता के प्रतिनिधि संतोष मुच्छल व नटराज दोशरे व भारतीय स्टेट बैंक भोपाल के एजीएम व मैनेजर सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। जेसी मिल श्रमिकों की देनदारी लगभग 80 करोड़ रूपए एवं बैंकों का लोन मिलाकर लगभग 180 करोड़ रूपए की जरूरत स्वत्वों के निराकरण की योजना को मूर्तरूप देने में होगी।
बैठक में कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह ने जेसी मिल की समस्त भूमि का जल्द से जल्द सर्वे करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जेसी मिल क्षेत्र में स्थित प्रत्येक आवास व अन्य परिसम्पत्तियों को सर्वे में शामिल करें। राज्य शासन जेसी मिल श्रमिकों के स्वत्वों को लेकर गंभीर है। इसलिए इस काम में जरा भी लापरवाही व ढ़िलाई न हो। उन्होंने तत्परता के साथ निराकरण की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के निर्देश बैठक में दिए।
बैठक में मौजूद श्रमिक यूनियन के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि हुकुमचंद मिल इंदौर की तर्ज पर जेसी मिल के श्रमिकों के स्वत्वों के समाधान के लिये तैयार की जा रही कार्ययोजना में यूनियन का पूर्ण सहयोग मिलेगा। इस संबंध में न्यायालय में भी सकारात्मक पक्ष रखने को यूनियन तैयार है।