कैसे करें ड्रोन से फसलों पर छिड़काव किसानों को बताया
ग्वालियर. कृषि विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर एग्रीबिजनेश इंक्यूबेशन एंड इंटरप्रेन्योरशिप में ग्रामीण आधारभूत संवर्धन (आरआईपीएफ) कृषकों के बीच ड्रोन उड़ाकर बताया कि आप अपनी फसल को ड्रोन कैसे छिड़काव कर सकेंगे और फसल भी बेहतर होगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला द्वारा विद्यार्थियों एवं कृषकों को ड्रोन तकनीकी को आगे बढाने एवं इसके प्राथमिक उपयोग के बारे में बताया गया। साथ ही कृषकों को नाबार्ड की योजनाओं एवं उनका लाभ प्राप्त करने के संबंध में बताते हुये विद्यार्थियों को ड्रोन प्रशिक्षण प्राप्त कर, मास्टर टेªनर बनने के लिये सुझाव दिया तथा कृषि क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग को बढाने तथा आर्टिफिषियल ड्रोन एप्लीकेशन के महत्व के बारे में बताया।
निदेषक विस्तार सेवायें डॉ. वाय.पी. सिंह ने कहा कि ड्रोन कृषि क्षेत्र में लाभकारी है, इसके माध्यम से ग्रामीणों को लाभ पहुंचाया जायेगा। उन्होंने किसानों, नये उद्यमियों तथा सीएआईई के इन्क्यूबेटी, विद्यार्थियों द्वारा किये गये नवाचार, नई तकनीकी एवं नयी फसल की किस्में, नये आइडिया इत्यादि को बौद्धिक संपदा अधिकार या पेटेंट कराने के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यशाला में ग्वालियर के विभिन्न संस्थानों जैसे कृषि विष्वविद्यालय, ग्वालियर आईटीएम. यूनिवर्सिटी, जीवाजी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थीयो एवं सीएआईई के इन्क्यूबेटी ने सहभागिता की। कार्यशाला में निदेषक अनुसंधान सेवायें डॉ. संजय शर्मा, ड्रोन निर्माता कम्पनी, दक्षा अनमेंड सिस्टम, चैन्नई से ड्रोन पायलट नरेश, विशेष वक्ता के रूप में अक्षत अग्रवाल एवं प्रतीक श्रीवास्तव, सीएआईई के इन्क्यूबेटी वर्षा शर्मा, रूपाली दत्त, एवं ललिता कुशवाह, 200 से अधिक एफपीओं समूह, कृषक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहें।