ई-नगरपालिका पोर्टल पर साइबर अटैक के बाद पहली बैठक, एसीएस गृह नाराज, डाटा चोरी हुआ यानी 7 दिन में बताओ

ग्वालियर. नगरीय विकास विभाग के ई-नगरपालिका पोर्टल पर रैंसम वेयर (सयबर) अटैक के बाद इसकी सुरक्षा को लेकर हुई पहली बैठक में बडी चूक सामने आई। अपर मुख्य सिवच एसीएस गृह डॉ राजेश राजौरा इस बात से नाराज हो गए कि अभी तक नगरीय विकास विभाग स्पष्ट नहीं कर पाया है कि 50 लाख घरों का डाटा चोरी तो नहीं हुआ। ऐसा हुआ होग तो जज, मंत्री, आईएएस-आईपीएस के साथ कई प्रमुख पदों पर बैठे लोगों के आवास की जानकारी सार्वजनिक होने से सुरक्षा पर सवाल उठेंगे।
विभाग के प्रमुख अफसर जब ठोस जवाब नहीं दे पाए तो राजौरा ने कहा कि 7 दिन दिन के भीतर तकनीकी प्रमाण के साथ रिपोर्ट दी जाए। इस बीच एक और चौंकाने वाली जानकारी दी गई कि नेशनल हेल्थ मिशन के पोर्टल पर भी दो दिन पहले साइबर अटैक का संदेह है। इसके तुरंत बाद एक टीम एनएचएम भेजी गई।
पोर्टल पर देश के बाहर से साइबर अटैक होने की जानकारी सामने आई है। नीदरलैंड से संकेत मिल रहे है पर ठिकाने तक टीम नहीं पहुंच र्पाठ। बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो, पुलिस और एनआईसी ने साइबर सुरक्षा पर अपना प्रेजेंटेशन भी दिया। इस दौरान नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई, विज्ञान-प्रौद्योगिकी के प्रमुख सचिव निकुंज श्रीवास्तव, एडीजी स्टेट साइबर, एडीजी इंटेलिजेंस, एडीजी एससीआरबी, प्रबंध संचालक एमपीएसईडीसी भी मौजूद थे।
52 विभागों को ट्रेनिंग
बैठक में तय हुआ कि सभी सरकारी विभाग अपने सर्वर को स्टेट डेटा सेंटर पर रखें ताकि खतरा कम हो जाए। सभी 52 विभागों में जो चीफ इन्फॉर्मेशनप सिक्युरिटी ऑफिसर (सीआईएसओ) नॉमिनेट किए जा रहे है, उन्हें स्पेशल ट्रेनिंग दी जाए।
भुवनेश्वर में रखेंगे डाटा
अब मप्र के विभागों का डाटा (मिरर डाटा बेस) भुवनेश्वर में सुरक्षित रखा जाएगा ताकि डिजास्टर होने पर तुरंत रिकवरी हो सके। पहले जयपुर में रखने का प्रस्ताव था लेकिन मप्र और जयपुर एक ही भूकपीय जोन में है।