नये कानून के संबंध में ट्रान्सपोर्ट पदाधिकारियों की एसपी ने ली बैठक

ग्वालियर केन्द्र सरकार के हिट एण्ड रन कानून का विरोध कर रहे ट्रान्सपोर्ट एसोसिएषन के पदाधिकारियों की 1 जनवरी को एसपी राजेष सिंह चंदेल द्वारा अपने कार्यालय में बैठक ली गई। बैैठक में उपस्थित ट्रान्सपोर्ट एसोसिएषन, बस ऑपरेटर एवं पेट्रोलियम टंेकर कर्मचारी वाहन संघ के पदाधिकारियों को एसपी द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा वाहन चालकों के लिये बनाये गये नये कानून के संबंध में अवगत कराया गया और उन्हे बताया गया कि कोई ट्रक ड्राइवर या वाहन चालक किसी को टक्कर मारकर भागता है तो उक्त कानून के दायरे में आएगा और यदि कोई वाहन चालक एक्सीडेेंट करने के बाद घटना स्थल से हटकर पुलिस स्टेषन में पहुंचता है या डॉयल 100 को सूचित करता है या फिर एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है तो उसकी सजा में कटौती की जा सकती है।
उन्होने कहा कि यह कानून एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति के प्रति सहानुभूति रखते हुए उसकी जान बचाने के उद्देष्य से बनाया गया है, ड्राइवर के हित के विरोध में उक्त कानून नही है। बैठक में पुलिस अधीक्षक ने पदाधिकारियों से ड्राइवरों में हिट एण्ड रन कानून के तहत जो अक्रोष पैदा हो रहा है एवं शहर के आउटर में जो जाम की स्थिति बनी रहती है, उसके संबंध में भी चर्चा की एवं एसोसिएषन के पदाधिकारियों को अपने-अपने ड्राइवरांे को समझाईश देने के लिये कहा गया।
डीएसबी ग्वालियर निरीक्षक उमेष मिश्रा, इसके अलावा शहर के ट्रॉसपोर्ट एवं बस संचालकगण जिसमें महावीर ट्रॉन्सपोर्ट के संचालक सुनील महेष्वरी, सन्धू ट्रन्सपोर्ट के संचालक पलविंन्दर सिंह सन्धू, ट्रांसपोर्ट संचालक राजीव मोदी, एटीएस ट्रांसपोर्ट संचालक विक्की यादव, एन.के. रोड लाइन रहीस खान, प्रकाष वाडवानी एवं बस ऑपरेटर पदम गुप्ता, हरीषंकर सिंह पटेल, गुडडू भटेले एवं पेट्रोलियम टंेकर कर्मचारी वाहन संघ के अध्यक्ष विजय शर्मा, मिसलेनियस यूनियन अध्यक्ष् आदेष यादव, ट्रेवल संचालक रिंकू यादव आदि उपस्थित रहे।
आमजन से अपील
ग्वालियर पुलिस की अपील है कि केन्द्र सरकार द्वारा एक्सीडेंट के मामलों में किये गये कानूनी संषोधन एवं जुर्माने दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने के उद्देष्य से किये गये हैं। वाहन चालक से दुर्घटना होने पर घटना स्थल से भागने की जगह घायल व्यक्ति को चिकित्सकीय सुबिधा उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयत्न करें। अतः सभी वाहन चालकों से अपील है कि उक्त कानून के विरोध प्रदर्षन के दौरान कानून अपने हाथ में न ले एवं अपनी बात कहने के लिये कानूनी प्रक्रिया अपनाये।