ग्वालियर व्यापार मेला 25 से होना है शुरू, नहीं शुरू हुई स्ट्रीट लाइट, न ही सफाई न ही दुकानो का आवंटन प्रारंभ हुआ

ग्वालियर. ग्वालियर व्यापार मेले को लेकर जनप्रतिनिधियों और अफसरों का रवैया उदासीन बना हुआ है। व्यापार मेला शुरू होने में अब सिर्फ 18 दिन की बाकी है, बावजूद इसके तैयारियां कछुआ चाल में चल रही है। आलम यह है कि अभी तक न तो मेले में झाडियों सहित गंदगी की सफाई हो सकी है और न ही दुकानों का आवंटन शुरू किया गया है। इतना ही नहीं मेले में अभी तक स्ट्रीट लाइट भी शुरू नहीं की गई है। बता दें कि ग्वालियर मेला परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावडा लगा रहता है। जिसके कारण चोरी व अन्य जोखिम भी बना रहता है।
दुकानदार खुद के पैसे खर्च करके ठेके पर सफाई करा रहे
मेला दुकानदार कल्याण समिति के अध्यक्ष बलवीर सिंह खटीक ने बताया कि यू ंतो अभी दुकानों का आवंटन नहीं हुआ है लेकिन आरक्षण के आधार पर कुछ दुकानदारों ने दुकानें लगाने का काम शुरू कर दिया है। बावजूद इसके न ही मेले में स्ट्रीट लाइट शुरू की गई है न ही पेयजल का कोई प्रबंध है और न ही शौचालयों के ताले खोले गए है, जिसके कारण बाहर से आने वाले दुकानदारों को काफी परेशान होना पड रहा है। इतना ही नहीं मेले में अभी सफाई भी नहीं की जा रही है। दुकानदार खुद के पैसे खर्च करके ठेके पर सफाई करा रहे है। जबकि प्राधिकरण को एक महीना पहले ही सफाई आदि सभी काम खत्म कर देना चाहिए था।
हमारे हिसाब से सब ठीक चल रहा है
मेले की तैयारी चल रही है, हमारे हिसाब से सब ठीक चल रहा है। 25 दिसंबर को मेला लग ही जाएगा। हम रहें या न रहें काम तो सभी चल ही रहे है। हाल ही में हम सभी व्यवस्थाएं कर रही आए। अब 13 तारीख को फिर आ जाऊंगा। शौचालयों के ताले जल्द खुल जाएंगे, दुकानों का आवंटन 15 से करेंगे, स्ट्रीट लाइट 15 को शुरू हो जाएंगी।
-निरंजनलाल श्रीवास्तव, सचिव, व्यापार मेला प्राधिकरण
कोई नहीं करता जिम्मेदारी से बात
ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया और उपाध्यक्ष कल्ली पंडित का कहना है कि मेला प्राधिकरण के कर्मचारी व अफसरों को साल के 2 महीने ही मेहनत करने की जरूरत पडती है उसमें भी उनका रवैया ढुल-मुल बना रहता है। शिकायत या परेशानी लेकर प्राधिकरण कार्यालय के कर्मचारियों के पास जाओ तो वे सचिव के गैरमौजूद रहने का कहाना बना देते है। व्यापारी संघ की मांग है कि जब तक मेले का संचालक मंडल गठित नहीं होता है तब तक संभागायुक्त को मेले की कमान सौंपी जाए।