ग्वालियर में शनिवार को भारी बारिश होने की संभावना

भोपाल. कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना हुआ है। मानसून ट्रफ भी इसी मौसम प्रणाली से होकर गुजर रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन दो मौसम प्रणालियों के असर से शनिवार को ग्वालियर, सागर एवं रीवा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। रविवार से प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। उधर शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक खजुराहो में 52, नौगांव में 20, गुना में 19, मलाजखंड में 16, रायसेन में 14, भोपाल में 13.1, उमरिया में 12, पचमढ़ी में 10, सागर में नौ, जबलपुर में 8.4,सीधी में आठ, दमोह एवं सिवनी में छह, सतना, नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में चार, रतलाम, उज्जैन एवं शिवपुरी में दो, ग्वालियर में 1.9, इंदौर में 0.4, मंडला में 0.3, धार में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी जेपी विश्वकर्मा ने बताया कि प्रदेश में अभी कम दबाव का क्षेत्र मौजूद है। मानसून ट्रफ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से कम दबाव के क्षेत्र से होकर छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इन दो मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश वर्षा का सिलसिला बना हुआ है। इन क्षेत्रों में चेतावनी

मध्यम से भारी वर्षा का यलो अलर्ट
भोपाल, बैतूल, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, देवास, शाजापुर, ग्वालियर, श्यौपुरकलां, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, राजगढ़, विदिशा, रायसेन एवं गुना जिले में।

कमजोर पड़कर उत्तर प्रदेश पहुंचेगा चक्रवात
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ने लगा है। इसके ऊपरी हवा के चक्रवात में परिवर्तित होकर दक्षिणी उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ने की संभावना है। इस वजह से रविवार से प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में कमी आने लगेगी।