इन पलों को जी भरके जीयों तथा अवसरों को प्राप्त कर उचायों को छूलो- श्रीमती स्मृति गुप्ता
ग्वालियर. सिंधिया कन्या विद्यालय में एलुमिनाई श्रीमती स्मृति गुप्ता और राजीव बंसल (IAS) सेक्रेटरी सिविल एविएशन विद्यालय भ्रमण तथा छात्राओं के सेशन के लिए आए। श्रीमती स्मिता गुप्ता 1981 के बैच की छात्रा थीं। जिनको अपने अंतिम वर्ष में शिक्षाविदों के लिए माधवराव सिंधिया पदक से सम्मानित किया गया था। उन्होंने मिरांडा हाउस से बीएससी और एएमयू से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। वह अब टेकनो ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक हैं, जो बिजली संयंत्रों के अनुकूलन में लगी हुई है। उनके साथ उनके पति शेखर गुप्ता भी उपस्थित थे। वह टेक्नो ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हैं।
कार्यक्रम का प्रारम्भ विद्यालय लेक्चर थिएटर में हुआ जहाँ कक्षा 9-12 की छात्राओं का लेक्चर थिएटर में अतिथियों के साथ इंटरैक्शन हुआ। लेक्चर थिएटर में एक वीडियो दिखाया गया जिसमें केरला धरोहर , संकल्प , संचयन की झलकियाँ थी। सिंधिया कन्या विद्यालय की एलुमिनाई श्रीमती स्मृति गुप्ता ने अपने उधबोधन में कहा “जब मैं पढ़ती थी तबसे लेकर आज तक बहुत परिवर्तन मुझे दिखाई दे रहे हैं। तकनिकी रूप से सिंधिया कन्या विद्यालय बहुत आगे बढ़ चुका है अब छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए बहुत अधिक अवसर प्रदान किये जा रहे हैं जो हमारे समय में सीमित थे। आज भी मुझे यहाँ का खाना रहना, मस्ती सब याद आती है। मेरा मन आज भी इस माहौल में रहने का करता हैं। मैं उन पलों को ज़िन्दगी भर नहीं भुला सकती। मैं आप सभी छात्राओं से कहना चाहूँगी की इन पलों को जी भरके जीयों तथा अवसरों को प्राप्त कर उचायों को छूलो।“ तत्पश्चात राजीव बंसल ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा “आकाश सीमा नहीं है उसके परे भी बहुत कुछ है। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ते जाओ रुको मत मैंने भी इस मुक्काम तक पहुँचने बहुत प्रयास करा है। उनके अनुसार आने वाला समय अमृत काल है। यह साल बहुत शुभ होगा। युवा पीढ़ी को इस देश के भविष्य के लिए कुछ योगदान करना पड़ेगा।“ तत्पश्चात वाइस हेड गर्ल पाखी गुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम में विद्यालय प्राचार्या- श्रीमती निशी मिश्रा, बरसर- सेल्विन माईकेल, उप प्राचार्या-श्रीमती गरिमा सांधु, इवेंट कोऑर्डिनेटर- श्रीमती शिवांगी सहाय, इवेंट इंचार्ज – उर्वशी पांडेय , मीडिया प्रभारी -श्रीमती वैशाली श्रीवास्तव, गीतांजलि राजपूत तथा समस्त स्टाफ उपस्थित था।