महाराज बाड़े के व्यापारियों के कारोबार को ध्यान में रखकर सौन्दर्यीकरण किया जाये-चेम्बर
ग्वालियर. सरकारी धन से संपत्तियों को संजाया और संवारा जा रहा है। स्मार्ट सिटी द्वारा महाराज बाड़े के सौन्दर्यीकरण की वजह से व्यापारा का सारा कारोबार चौपट है इसकी किसी नेता को चिंता नहीं है और ना ही किसी नेता का ध्यान जा रहा है, ऐसे वक्त में समय नेताओं को टिकट और जनता के वोट चाहिये। इस मामले में चेम्बर ने चिंता जाहिर की है। जिससे जनता को परेशानी हो उसे उचित नहीं कहा जा सकता है। महाराज बाड़े के व्यापारियों की कारोबार की चिन्ता करते हुए चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने स्माट्र सिटी नीतू माथुर को पत्र लिखा और कहा है कि व्यापारियों के व्यापार को ध्यान में रखते हुए महाराज बाड़े का सौन्दर्यीकरण किया जाये।
चेंबर अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल, संयुक्त अध्यक्ष हेमंत गुप्ता, उपाध्यक्ष डॉ. राकेश अग्रवाल, मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव पवन कुमार अग्रवाल और कोषाध्यक्ष संदीप नारायण अग्रवाल ने बताया है कि शहर में पिछले कई वर्षों से महाराज बाडा में सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। निश्चित रूप से जब कोई विकास कार्य या सौंदर्यीकरण का कार्य होता है तो शहरवासी उसका स्वागत करते हैं लेकिन वहीं कार्य की गति बहुत धीमी हो तो वह आमजन के लिए असुविधाजनक भी जाते है जिन्हें सरकारों की सेहत के लिए भी उचित नहीं माना जा सकता है। महाराज बाडा के सौंदर्यीकरण के संदर्भ में भी आमजन का लगभग ऐसा ही अनुभव है।
2 साल से बन रही पार्किंग से नाराजगी
पत्र में उल्लेख किया गया है कि गत दिवस मप्र चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री की मासिक कार्यकारिणी समिति की बैठक में यह मुद्दा जोर-शोर से छाया रहा और लगभग 100 से अधिक उपस्थित सदस्यों के द्वारा एकमत से इस सौंदर्यीकरण प्रति जो भावनाएं व्यक्त की गई उसमें उनकी नाराजगी ही झलकती है। महाराज बाडा सहित शहर के प्रमुख मार्गों पर पार्किंग का अभाव है और महाराज बाडा क्षेत्र में लगभग 2 वर्ष से अधिक समय से पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है जिसके पूर्ण होने की आज भी कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई गई है।
पेडस्ट्रियल जोन का नहीं हुआ संशोधन
बाडा क्षेत्र में टाउन हॉल के सामने जो पेडस्ट्रियल जोन बनाया गया है उस जोन से वाहनों की आवाजाही को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया था जिससे उत्पन्न होने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों से केन्द्रीय मंत्री सिंधिया को एमपीसीसीआई के प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात कर 24 जून को बताया था उसके बाद भी आज तक उस जोन के संशोधन का कार्य चालू नहीं हुआ है जबकि इस कार्य को करने के लिए अधिकतम 15 दिन का समय निर्धारित किया गया था। पेडस्ट्रियल जोन को पथ विक्रेताओं ने घेर लिया है। शासकीय मुद्रणालय को इण्डस्ट्रियल म्यूजियम बनाने का निर्णय लिया गया है जिसका काम भी बहुत ही कछुआ गति से चल रहा है और उसके लिए माधवगंज की तरफ जाने वाले मार्ग को खोदकर छोड दिया गया है।