हर स्तर पर एक संस्था को आदर्श बनाएँ-कलेक्टर
ग्वालियर – जिले में एक विकासखंड स्तरीय स्वास्थ्य संस्था, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, एक सेक्टर, हर सेक्टर में एक उप स्वास्थ्य केन्द्र को सेवाओं के लिहाज से आदर्श बनाएँ। इसी तरह महिला बाल विकास विभाग के एक परियोजना कार्यालय, एक सेक्टर और हर सेक्टर में एक आंगनबाड़ी को आदर्श बनाया जाए। विभागीय अधिकारी इस काम को पूरी गंभीरता के साथ अंजाम दें। इस आशय के निर्देश कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने जिला स्वास्थ्य समिति और स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में दिए। उन्होंने 22 जुलाई को समाधान आपके द्वार कार्यक्रम के तहत आयोजित होने जा रहे चौथे चरण के शिविरों के माध्यम से अधिकाधिक प्रकरणों के निराकरण कराने के निर्देश भी बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को दिए।
गुरूवार को यहाँ जिला पंचायत के सभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर ने असंचारी रोग (एलसीडी) निवारण कार्यक्रम की प्रगति ठीक न पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए वाहनों की पिछले तीन माह की लॉगबुक माँगी है। स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास के अधिकारियों को संयुक्त रूप से एक – दूसरे विभाग की संस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देश दिए कि जिन कार्यक्रम अधिकारियों की प्रगति कम है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करें। एएनसी पंजीयन में जिले को तीसरा स्थान मिलने और क्षय निवारण कार्यक्रम में अच्छे प्रदर्शन के लिये कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों की सराहना भी की।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके राजौरिया, डब्ल्यूएचओ के अधिकारी डॉ. राजावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास राहुल पाठक व जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभारी, बीएमओ, सीडीपीओ व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
जगह-जगह बेटी की पेटी लगाने पर जोर, मतदाता सूची में जेंडर रेशियो सुधारें
जहाँ पर बेटियों व महिलाओं का अधिक जाना-आना रहता है। ऐसे स्थानों सहित शिक्षण संस्थाओं में प्रमुखता के साथ “बेटी की पेटी” लगाने पर कलेक्टर श्री सिंह ने विशेष बल दिया। उन्होंने ऐसे मतदान केन्द्र जहाँ मतदाता सूची में अत्यधिक विपरीत जेंडर रेशियो है वहाँ पर शतप्रतिशत महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के नाम मतदाता सूची में अभियान बतौर जुड़वाएँ।