बैजाताल पर फादर्स डे पर बच्चों के बीच संजय धूपर ने गुनगुनाये गीत
ग्वालियर नगर निगम के सौजन्य से कल यानि 18 जून रविवार को मौसम में गर्मी का असर तो कम हो गया। पर कल संगीत के प्रोग्राम की गर्मी कम नहीं हुई बल्कि और ज्यादा हो गयी रफ़ी साहब के गीतों के अलावा वर्ल्ड फादर्स डे के मौके पर पिता पुत्र और पुत्री के रिश्तो पर गीत हुए।
दो दर्शकों के जन्मदिन मंच में ही गीतों के माध्यम से मनाये गए, कल मौका रहा संजीदा और भावुक गीतों के अम्बार का, ” पापा कहते है, तू मेरा दिल, तुझे नाराज़ नहीं, एक रास्ता है ज़िन्दगी, तुम भी चलो, सो गया ये जहा, हमें और जीने कि चाहत, आपकी आँखों में कुछ, मैं शायर तो नहीं, ऐ मेरे हमसफर, तुम जो मिल गए, परदेसियो से ना, मैं कही कवि ना बन, कभी तू छलिया जैसे गीत कार्यक्रम को यादगार बना गए।…अगला 24 जून शनिवार को भिंड में आयोजित किया गया है।