ग्वालियर का 35 साल पुराना बड़गोर पुल बहा, मुरैना के 30 गांव खाली कराये
ग्वालियर. जोरदार वर्षा के चलते पार्वती, सिंध और चम्बल नदियां उफान के साथ खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इनके आसपास बसे लगभग 150 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। श्योपुर में 40 गांवों में अलर्ट घोषित किया गया है। मुरैना में 30 गांव खाली कराने के साथ ही 100 गांवों को अलर्ट किया गया है। भिण्ड में 8 गांवों का संपर्क कट गया है।
शिवपुरी के मड़ीखेड़ा बांध से छोड़़े जा रहे पानी में ग्वालियर जिलेके भितरवार क्षेत्र में 35 वर्ष पुराने बड़गोर पुल का बेयरिंग कोट पानी में बहने के साथ ही एप्रोच रोड भी कट गया है। इससे क्षेत्र के 35 गांवों का रास्ता बंद हो गया है। उन्हें अपने ठिकाने पर पहुंचने के लिये 35 किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। मंगलवार को ब्रिज कार्पोरेशन के कार्यपालन यंत्री ज्ञानवर्धन मिश्रा के साथ पहुंची 7 सदस्यीय टीम ने क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया।
श्योपुर का राजस्थान से मार्ग बंद
श्योपुर में पार्वती नदी खतरे के निशान से 8 मीटर तो चम्बल 1 मीटर ऊपर बह रही है। श्योपुर का राजस्थान सेसड़क मार्ग का संपर्क कट गया है। खातोली पुल और कुहांजापुर पुल डूब जाने से श्योपुर कोटा और श्योपुर बांरा मार्ग सोमवार से ही बंद है। श्योपुर-सवाई माधोपुर नेशनल हाइवे पर दांतरदा के पास बनी पुलिया पानी से वाहनों आवागमन बंद हो गया है।
भोपाल-नागपुर हाइवे का सीधा संपर्क टूटा
सुखतवा नदी के पुल पर तवा डैम का बैक वाटर आ जाने से भोपाल-नागपुर नेशनल हाइवे का सीधा संपर्क टूट गया है। इटारसी से धर्मकुंडी रोड से होते हुए टिमरनी से इंदौर-बैतूल स्टेट हाइवे पर जाना होगा।
बीना- 2700 लोग बाढ़ में फंसे
बेतवा नदी में बाढ़ से हांसलखेड़ी और ढिमरोली गांव के 2500 लोग फंसे हैं। हासंलखेड़ी से एक किमी नदी की ओर बसा पठार टापू बन गया है। यहां 50 परिवारों के 200 से ज्यादा लोग फंसे हैं। ढिमरोली में 100 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू कर स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवनों में शिफ्ट किया गया है।