ग्वालियर में पेयजल की व्यवस्था-तिघरा को भरने के लिये ककेटो से पानी शिफ्टिंग शुरू
ग्वालियर. विगत 3 वर्षो से तिघरा बांध शिवपुरी में होने वाली तेज वर्षा के पानी से भरा जा रहा है। इस बार भी मानूसन का एक माह तिघरा के कैचमेंट में खाली रहने से शिवपुरी के पानी की तिघरा में शिफ्टिंग शुरू कर दी गयी है। शिवपुरी का पानी शिफ्ट होते ही पिछले 3 दिन में तिघरा का लेवल 1 फीट बढ़ गया है। शिफ्टिंग के पानी से 20 दिन तक सप्लाई हो सकेगी। विगत वर्ष शिवपुरी में तेज वर्षा के बाद भी इन बांधों के गेट न खोले जाने की लापरवाही को बाढ़ आने का एक बड़ी वजह माना गया था। इसको लेकर पूर्व जल संसाधन मंत्री अनूप मिश्रा ने भी लापरवाही का आरोप लगाया था। इसी वजह से इस बार शिवपुरी के मड़ीखेड़ा, हरसी आदि बांधों के गेट खोलकर नहरों में पानी खोल दिया गया है।
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि शिवपुरी सीमा पर अपर ककेटो बांध के गेट खोलकर ककैटो, पेहसारी और तिघरा बांध में पानी शिफ्ट किये जाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है। इस प्रक्रिया के शुरू होने से तिघरा बांध में पिछले 3 दिन में कैचमेंट में बरसात न होने के बाद भी 1 फीट करीब 200 एमसीएफटी पानी बढ़ गया है। इस पानी से शहर में लगभग 20 दिन तक सप्लाई हो सकेगी।
जल संसाधन विभाग के यमुना कछार के मुख्य अभियंता आरपी झा ने जानकारी देते हुए बताया कि अपर ककैटो बांध से ककैटो पेहसारी नहर से तिघरा में पानी की शिफ्टिंग शुरू कर दी गयी है। पानी की शिफ्टिंग से तिघरा में पानी का लेवल निरंतर बढ़ रहा है।
ओवरफ्लो होने से भरा था तिघरा जलाशय
3 वर्ष में तिघरा बांध शिवपुरी में होने वाली बरसात के ओवरफ्लो पानी से भर रहा है। 2020 में अपर ककैटो, ककैटो व पेहसारी से पानी को शिफ्ट कर तिघरा को भरा गया था। 2021 में शिवपुरी में तेज बरसात के बाद आई बाढ़ के ओवरफ्लो पानी से अपर ककैटो, ककैटो व पेहसारी बांध को भरा गया। फिर पेहसारी नहर के रास्ते तिघरा बांध में पानी शिफ्ट किया गया, जिससे तिघरा का जलस्तर 738 फीट से ऊपर पहुंच गया था। तिघरा के कैचमेंट की बरसात से विगत वर्ष भी तिघरा में मात्र 8 फीट पानी ही आया था।