सिटीसेंटर के उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग को री-चेक किया जायेगा, जिम्मेदार कर्मचारियों के निलंबन और बर्खास्तगी की कार्यवाही
ग्वालियर. बिजली कंपनी के सिटीसेंटर जोन में पिछले दिनों 35 उपभोक्ताओं का हजारों करोड़ों रूपये के गलत बिल जारी हो गये थे। साफ्टवेयर में मीटर रीडिंग के कॉलम में उपभोक्ता विद्युत कलेक्शन नम्बर कट-पेस्ट हो जाने के कारण से यह गड़बड़ी हो गयी थी। जिसके बाद जिम्मेदार कर्मचारियों के निलंबन और बर्खास्तगी की कार्यवाही की गयी थी।
सिटीसेंटर के घरेलू उपभोक्ताओं मीटर री-चेक कराये
इस मामले में सबक लेते हुए बिजली कंपनी ने पूरे शहर में जुलाई में ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं के मीटर रीडिंग री-चेक कराये, जिनकी बिजली के बिलों में 3 हजार यूनिट से ज्यादा खपत दर्ज हुई है। ऐसे में 335 घरेलू विद्युत उपभोक्ता इस जांच के दौरान सामने आये, जिनकी मासिक विद्युत खपत 3 हजार यूनिट से ज्यादा दर्ज हुई है।
नॉर्थ डिवीजन के 16 बिजली बिल गलत
जब इनके मीटर रीडिंग को री-चेक कराया गया तो साउथ और नॉर्थ डिवीजन में ऐसे 16 बिजली के बिल गलत निकले, गलत रीडिंग की वजह से ज्यादा विद्युत खपत दर्ज की गयी तो इन बिजली बिलों को तुरंत ठीक कराया गया और सही बिजली के बिल जारी किये गये।
हर माह होगी मीटर रीडिंग री चेक
इसके बाद बिजनी कंपनी ने निर्णय लिया है कि अब हर माह ही ऐसे घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के मीटर रीडिंग री-चेक करायी जायेगी। जिनकी विद्युत खपत 3 यूनिट या इससे अधिक दर्ज होंगी। ताकि गलत बिलिंग की समस्या उपभोक्ताओं को न आये।
जो समस्या आई थी, वह दोबारा न हो, इसलिए रीडिंग री-चेक कराएंगे
बीते दिनों सिटी सेंटर जोन में जिस तरह की समस्या सामने आई थी, वैसी समस्या अब दोबारा न हो इसके लिए हम हर महीने ही ऐसे घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग को री-चेक कराएंगे। क्योंकि किसी भी घरेलू विद्युत उपभोक्ता की मासिक विद्युत खपत 3 हजार यूनिट या इससे अधिक नहीं होती है। ऐसा होता पाया जाएगा तो स्पष्ट हो जाएगा कि बिजली बिल जारी होने में कोई समस्या आई है। उसे तुरंत ठीक कराएंगे।
नितिन मांगलिक, महाप्रबंधक, ग्वालियर