स्ट्रांग रूम में EVM में कैद 66 पार्षद और महापौर की किस्मत, कांग्रेस कार्यकर्त्ता स्ट्रांग रूम के बाद डाला डेरा

ग्वालियर. शहर की नगर सरकार के लिये किये गये मतदान के बाद कडी सुरक्षा के बीच EVM मशीन साइंस कॉलेज स्थित स्ट्रांग रूम में बन्द कर रख दी गयी है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम परिसर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात किये गये हैं। इसके अलावा CCTV कैमरों की सहायता से स्ट्रांग रूम की निगरानी की जा रही है। वहीं, कांग्रेस नेता भी कल रात से स्ट्रांग रूम के बाहर डेरा जमाये हुए हैं। प्रदेश की सत्तारूढ शिवराज सरकार की नियत पर सवाल खड़े हुए CCTV कैमरों की निगरानी के लिये बड़ी LCD लगाने की मांग कर रहे हैं।
मतगणना के दिन ही खुलेंगी EVM मशीन
ग्वालियर में मतगणना के समय कड़ी सुरक्षा के बीच EVM मशीन को स्ट्रांग रूम से बाहर निकाला जायेगा। जहां राज्य निर्वाचन आयोग के निर्धारित समय नियमानुसार सभी EVM मशीनें स्ट्रांग रूम में लॉक कर दी गयी है। जो अब 17 जुलाई रविवार के मतगणना के दिन निकाली जायेगी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था के लिये थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गयी है और साथ ही 20 CCTV कैमरे की मदद ली जा रही है।
कांग्रेसी कार्यकर्त्ता एलसीडी लगाने की कर रहे हैं मांग
स्ट्रांग रूम केे बाहर कांग्रेस के भारी तादाद में कांग्रेसी कार्यकर्त्ता बुधवार की रात साइंस कॉलेज पहुंच गये थे। इनका कहना है कि सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर उन्हें विश्वास नहीं है। ऐसे में वह भी स्ट्रांग रूम पर नजर जमाये हुए हैं। कांग्रेस नेताओं की मांग है कि स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिये लगाये गये है। सीसीटीवी की डिस्प्ले छोटी LCD पर की जा रही है। जाहिर है कि निगरानी रखने में उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लिहाजा CCTV कैमरों की निगरानी के लिये बड़ी LCD लगायी जाये। बहरहाल कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम में रखी EVM मशीनों में अब ग्वालियर के महापौर और 66 पार्षद प्रत्याशियों की किस्मत लॉक कर दी गई है, जो अब 17 जुलाई को वोटों की गिनती के दिन ही खोली जाएगी।