ब्लड सैंपल सही समय पर पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल, 1hr में मेरठ से नोएडा पहुंचा सैंपल
सही समय पर ब्लड सैंपल की रिपोर्ट न मिलने से सैकड़ों मरीजों की मौत हो जाती है. ये भी सच्चाई है कि भारत में लाखों यूनिट ब्लड बर्बाद हो जाता है. लेकिन, अब टेक्नॉलजी बदलने से जिंदगी भी बच रही है और बल्ड भी. ऐसा ही एक प्रयास मेरठ में शुरू हुआ है. किसी गंभीर मरीज के ब्लड सैंपल की जांच दिल्ली, नोएडा से कराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है.
दिल्ली की एक कंपनी ने ब्लड सैंपल को मेरठ से नोएडा ड्रोन के जरिए मंगाया है. जिसे आने में 2 से 4 घंटे तक लग सकते थे, उसे कंपनी ने 1 घंटे में ही मंगा लिया है. कंपनी ने यह पहला ट्रायल किया है. कंपनी का दावा है कि वह 15 लोकेशन से सैंपल को ड्रोन के जरिए मंगाने का प्लान कर रही है.
लैब का दावा है कि वह हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्र से भी ब्लड का सैंपल लाने की योजना पर काम कर रही है. इससे ज्यादा से ज्यादा मरीजों की जान बच सकती है. जिस ड्रोन की सहायता से सैंपल को भेजा गया, उसका नाम हेक्सा कॉप्टर है. इसने एक घंटे में 73.6 किमी की यात्रा की.
कंपनी फिलहाल मेरठ, ग्रेटर नोएडा और नोएडा के लिए ट्रायल कर रही है. इसमें ड्रोन के वजन, सुरक्षा मानक और हवाई दुर्घटना के बचाव के कारकों को देखा जा रहा है. पहले ट्रायल में ड्रोन की ऊंचाई का परिणाम सकारात्मक रहा है.
कंपनी का दावा है कि ड्रोन के जरिए 5 किग्रा वजन तक के सैंपल कलेक्ट किए जा सकेंगे. ड्रोन में इसके लिए एक बॉक्स विशेष तौर पर लगाया गया है. इसमें टेंपरेचर कंट्रोल के लिए ह्यूमन स्पेसिमन सैम्पल्स की रियल टाइम में टेंपरेचर मेजरमेंट की व्यवस्था की गई है.