पार्टी छोड़ते नेताओं की बढ़ती तादाद के बीच गुजरात कांग्रेस द्वारका में क्या चिंतन करने वाली है? जानिए इस बारे में

गुजरात कांग्रेस (Gujarat Congress) द्वारका में शुक्रवार, 25 फरवरी से तीन दिन का ‘चिंतन शिविर’ आयोजित करने वाली है. इसमें कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भी हिस्सा लेने वाले हैं. उन्हें न्यौता भेजा गया है. हालांकि ज्यादा गौरतलब ये है कि प्रदेश कांग्रेस का यह ‘चिंतन शिविर’ ऐसे मौके पर हो रहा है, जब इसी साल दिसंबर में वहां विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) होने वाले हैं. दूसरा- संभवत: चुनाव को ही मद्देनजर रखते हुए कांग्रेस (Congress) पार्टी छोड़कर जाने वालों की तादाद गुजरात में लगातार बढ़ती जा रही है.

इस बारे में मीडिया से बातचीत करते हुए गुजरात प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर बताते हैं, ‘देवभूमि द्वारका (Dwarka) में 25 फरवरी से शिविर शुरू हो रहा है. इसमें करीब 500 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. हमने राहुल गांधी जी (Rahul Gandhi) को भी आमंत्रण भेजा है. उन्होंने शिविर में शामिल होने की स्वीकृति दे दी है. हालांकि वे किस दिन शामिल होंगे, यह अभी तय नहीं हुआ है. शिविर में आने वाले पार्टी प्रतिनिधियों को हम 10-12 समूहों में बांटेंगे. ये समूह गुजरात की आम जनता से जुड़े विभिन्न मसलों पर विचार करेंगे. हमने पूरे देश से विषय-विशेषज्ञों (Subject-Experts) को भी बुलाया है. वे भी अपने विषय के बारे में पार्टी प्रतिनिधियों के बारे में अपनी राय रखेंगे.’

चिंतन शिविर में किन मुद्दों पर होगी चर्चा

ठाकोर ने बताया, ‘बढ़ती महंगाई, किसानों की दशा, खराब आधारभूत सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाओं और ढांचे की चिंताजनक स्थिति, महिला सुरक्षा, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार जैसे 14 विषय हैं. ये विचार-विमर्श के केंद्र में होंगे. मार्च से दिसंबर पर पार्टी की ओर से आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों को तारीखवार अंतिम रूप दिया जाएगा. शिविर के अंत में द्वारका घोषणा-पत्र (Dwarka Declaration) जारी होगा. इसमें राज्य के बारे में कांग्रेस का दृष्टिकोण सामने रखा जाएगा.’ उनके मुताबिक, राज्य विधानसभा के इस कार्यकाल का आखिरी बजट सत्र 1 मार्च से शुरू हो रहा है. इसके लिए कांग्रेस की रणनीति को भी ‘द्वारका चिंतन शिविर’ में ही अंतिम रूप दिया जाएगा.

और अब कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के बारे में भी

गुजरात कांग्रेस के ‘द्वारका चिंतन शिविर’ की सूचना के साथ यह जिक्र भी प्रासंगिक होता है कि पार्टी अपने नेताओं को संभालकर रख पाने में कम से कम अभी तो नाकाम दिख रही है. अभी बुधवार, 23 फरवरी को ही अहमदाबाद नगर-निगम के नेता विपक्ष दिनेश शर्मा ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया है. उन्होंने पार्टी छोड़ते हुए प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर गंभीर सवाल भी उठाए. शर्मा ही नहीं, एक दिन पहले मंगलवार, 22 फरवरी को कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता जयराज सिंह परमार (Jayraj Singh Parmar) तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल ही हो गए. परमार क्षत्रिय समुदाय से आने वाले उत्तर गुजरात (North Gujarat) के प्रभावशाली नेता हैं.