सैंकी सिकरवार आत्महत्या कांड की जांच CID को सौंपी, पिता बोले मामले को दबाने CID को जांच सौंपी

सैंकी सिकरवार आत्महत्या कांड में अब नया मोड आ गया है, इस मामले की जांच अब सीआईडी को सौंप दी गई है। सीआईडी के अधिकारी सैंकी सिकरवार के यहां पहुंची और उनके पिता रामनरेश सिंह सिंकरवार से पूछताछ की, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मामले को दबाने के लिए जांच सीआईडी को सौंप दी गई है। यह जांच राजनैतिक दबाव में सौंपी गई है। वह इसका खुलकर विरोध करते है और अगर यह वापस नहीं ली गई तो वह और उनका परिवार अनशन पर बैठ जाएगा। सैंकी सिकरवार आत्महत्या कांड के मामले में मुरैना के सिविल लाइन थाने में आरोपी रिटायर्ड डीएसपी महेन्द्र शर्मा व उनकी पत्नी ममता शर्मा के खिलाफ आत्महत्या करने के लिए उकसाने का मामला दर्ज है। दोनों फरार है और उनके खिलाफ 10-10 हजार रुपए के इनाम के साथ वारंट जारी है। उन्होंने बताया कि मामले को रफा-दफा करने व महेन्द्र शर्मा व ममर्ता शर्मा को बचाने के लिए राजनैतिक दवाब में जांच शुरू उनके निवेदन पर कारवाई गई है।

घटनास्थल पर पहुंचे सीआईडी अधिकारी

सीआईडी के अधिकारी विवेक शर्मा व अन्य घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे। वह उनके ट्रांसपोर्ट कार्यालय पर भी पहुंचे जहां सैंकी सिकरवार ने गोली मारी थी। सीआईडी के अधिकारियों ने वहां जाकर पूरे घटनास्थल का मुआयना किया।

सैंकी के पिता ने खुलकर विरोध किया

सैंकी सिकरवार ने अपने ट्रांसपोर्ट कार्यालय पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले उसने सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें ग्वालियर स्थित रिटायर्ड डीएसपी महेन्द्र शर्मा व उनकी पत्नी ममता शर्मा द्वारा ब्लेकमेल करने व 20 लाख रुपए मांगने के आरोप लगाए गए थे। उसके बाद अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने आंदोलन किया था। विधायक नीटू सिकरवार भी धरना स्थल पर पहुंचे थे। रैलियां निकाली गईं थीं। सभी की मांग थी कि महेन्द्र शर्मा व उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया जाए। लेकिन दोनों फरार हो गए और मुरैना पुलिस ने दोनों के खिलाफ 10-10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा कर दी थी। इसके बावजूद उन्हें पुलिस नहीं पकड़ सकी है। बाद में पता लगा कि इस मामले को सीआईडी को सौंप दिया गया है। जिसका सैंकी सिकरवार के पिता रामनरेश सिंह सिकरवार ने खुलकर विरोध किया है।

राजनैतिक रुप लिया मामले ने

इस मामले ने अब पूरी तरह से राजनैतिक रुप ले लिया है। इधर गृह विभाग ने इस मामले को सीआईडी को सौंप दिया है वहीं दूसरी तरफ फरियादी पक्ष इसके सख्त विरोध में आ गया है। सैंकी सिकरवार के पिता रामनरेश सिंह सिकरवार का साफ कहना है कि इस मामले को दबाने के लिए तथा आरोपियों को दबाने के लिए सीआडी को जांच सौपी गई है। अगर यह वापस नहीं ली गई तो वह सपरिवार धरने पर बैठ जाएंगे।