लूट-शहर में घटनाओं को रोकने के लिये 15 करोड रूपये में 569 सीसीटीवी कैमरे फिर भी फुटेज नहीं मिले, लुटेरे बेसुराग

100 सीसीटीवी कैमरे तलाशे, फिर भी फुटेज नहीं मिले, आधे से अधिक कैमरे खराब या बंद पाये गये
ग्वालियर. सराफा व्यापारी से हुई 450 ग्राम सोना लूट के मामले में बदमाशों का कोई सुराग अभी तक नहीं मिला इस मामले में एसएसपी अमित सांघी 4 टीमें लगाई है। पुलिस ने शहर में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे तलाशे लेकिन उनमें साफ और सटीक फुटेज नहीं मिल पाये हैं। वजह है कि शहर की सुरक्षा के लिये 6 वर्ष पूर्व लगाये गये अधिकतर कैमरे खराब हो गये हैं।

किसी का एकल अलग सेट नहीं है और इतना ही नहीं कुछ निजी सीसीटीवी कैमरे से फुटेज तलाशे गये लेकिन घटना के समय वहां बिजली का फॉल्ट हो गया था जिस वजह से अधिकांश कैमरे बंन्द थे। अब पुलिस ने लुटेरों का सुराग लगाने के लिये किलागेट से लेकर फूलबाग तक कुछ और सीसीटीवी भी देखे है। अस्पष्ट फुटेज भी मिले है। बदमाशों का रूट तलाशने के लिये पुलिस की 4 टीमें अलग अलग जुटी हुई है।

क्या है पूरा मामला

प्रेमनगर स्थित श्रृति इंक्लेब निवासी शैलेन्द्र गोयल सराफा व्यवसाई हैं। इनकी किलागेट मस्जिद के पास ज्वेलरी शॉप है। रविवार की रात 8 बजे हर रोज की तरह उन्होंने दुकान बन्द की और बाइक से घर के लिये निकले प्रतिदिन वह दुकान में जितना भी सोना-चांदी होता है। उसे बेग में लेकर घर आते हैं। उनके पास 2 बैग थे। अभी घर से वह लगभग 200 मीटर दूर रह गये थे कि कब्रिस्तान के पास बाइक सवार 3 बदमाशाों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका। बदमाशों ने बेग छीनने का प्रयास किया। लेकिन व्यापारी ने बैग नहीं छोड़ा। इसी समय एक्टिवा पर सवार होकर आये 2 बदमाश आ गये। उन्होंने व्यापारी को पटक कर सिर पर कट्टे या पिस्टल के बट से कई बार हमला किया। उनसे बैग छीनने लगे । इस बीच बदमाशों ने फायरिंग कर दहशत फैला दी और बैग लूटकर ले गये थे। जिससे व्यापारी को चोट भी आयी थी। घटना के बाद तत्काल व्यापारी ने पुलिस और परिजन को खबर दी। परिजन घटनास्थल पर पहुंच गये थे और सनसनीखेज लूट का पता चलते ही पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुच गये थे। पुलिस ने लूट की एफआईआर दर्ज कर लुटेरों की तलाश शुरू कर दी है।
लूट पहले से प्लान थी बदमाश अलग अलग दिशाओं में भागे

लूट के आधे बदमाश फूलबाग की ओर तो आधे किलागेट की ओर भागे । लूट के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और बदमाशों की तलाश में जुट गयी है। कुछ जगहों पर बदमाशों के फुटेज भी मिले हैं लेकिन वह इतने धंुधले है कि उससे पहचान होना मुश्किल है।

यह है कैमरों की स्थिति

जिले में अभी 569 कैमरे लगे हैं, जिनमें फिलहाल 305 कैमरे चालू हैं और अभी 264 कैमरे बंद पड़े हुए हैं। बंद कैमरों को सुधारने का काम चालू है और जल्द ही सभी कैमरे पहले की तरह काम करने लगेंगे। पर जब तक यह कैमरे सही होंगे और इस तरह की वारदात हो जाती है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।

15 करोड़ में लगे थे सीसीटीवी कैमरे

शहर के 569 स्थानों पर वारदातों को रोकने के लिए पंद्रह करोड़ रुपए की कीमत में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। जिसमें कुछ कैमरे इतनी अच्छी क्वालिटी के हैं कि 80 से 100 की रफ्तार से निकलने वाले वाहनों की नंबर प्लेट तक रीड कर लेते हैं। साथ ही शहर के मुहानों तथा व्यस्त बाजारों में इन कैमरों को लगाया गया था। पर कुछ पुराने हैं उनके लैंस खराब हो चुके हैं और उनका डायरेक्शन भी सही नहीं है।