TGT सहायक अध्यापक भर्ती को चुनौती, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चयन बोर्ड व राज्य सरकार से मांगा जवाब

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने टीजीटी सहायक अध्यापक भर्ती (TGT Assistant Teacher Recruitment) में एक प्रश्न के उत्तर को लेकर दाखिल याचिका पर राज्य सरकार व माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से चार हफ्ते में जवाब मांगा है, और चयनित विपक्षियों मालती देवी व निशा पांडेय को नोटिस जारी की है. यह आदेश सरल श्रीवास्तव ने बाल मुकुंद त्रिपाठी व संगीता पांडेय की याचिका पर दिया है. यह आदेश सरल श्रीवास्तव ने बाल मुकुंद त्रिपाठी व संगीता पांडेय की याचिका पर दिया है. याचिका पर अधिवक्ता एम ए सिद्दीकी ने बहस की.

इनका कहना है कि 16 मार्च 2021 को 12603 सहायक अध्यापक पदों की भर्ती निकाली गई. परिणाम घोषित किया गया तो याचीगण का नाम नहीं था. 26 अक्टूबर 21 को उत्तर कुंजी जारी की गई, तो पता चला कि सी सीरीज का प्रश्न 82 बदला गया है. याचीगण को 414.63 अंक मिले हैं. एक प्रश्न की जांच से याचियों का चयन हो जायेगा. दरअसल, सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों में सालों से पढ़ा रहे 1320 तदर्थ सहायक अध्यापकों और नौ प्रवक्ताओं की सेवाएं अमान्य हो गईं. इसी के चलते उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) 2021 की भर्ती में तदर्थ शिक्षकों का चयन नहीं हो सका.

आवेदन करने वाले 1436 तदर्थ सहायक अध्यापकों में से मात्र एक का चयन हो सका. 126 शिक्षकों की सेवाएं जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर से सत्यापित होने के बाद अधिभार मिला था. बीते 9 नवंबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 1329 तदर्थ शिक्षकों की सेवा सत्यापन न होने का कारण पूछा था. अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को 14 नवंबर को पत्र भेजकर सूचना मांगी थी.