प्रतापगढ़ डीएपी खाद घोटाला: फरार पीसीएफ गोदाम प्रभारी संतोष कुमार सस्पेंड, FIR दर्ज
प्रतापगढ़. करोड़ों के खाद घोटाले (Fertilizer Scam) का मामला उजागर होने के बाद अफसरों क बड़ा एक्शन शुरू हो गया है. प्रतापगढ़ (Pratapgarh) पीसीएफ गोदाम प्रभारी संतोष कुमार 1055 मैट्रिक टन डीएपी बेचकर फरार हो गया है. करोड़ों के खाद घोटाले के बाद अफसरों में हडकंप मचा हुआ है. किसानों के लिए गोदाम में रखी करोड़ों की सरकारी डीएपी को पीसीएफ गोदाम प्रभारी ने बाज़ार में बेच कर फ़ोन ऑफ कर फरार हो गया. पीसीएफ गोदाम प्रभारी ने किसानों के हक पर ऐसा डाका डाला की अफसर भी हैरान है. जिले में डीएपी की किल्लत होने पर जिलाधिकारी डॉ नितिन बंसल ने जब पीसीएफ गोदाम की जांच कराई तो घोटालेबाज गोदाम प्रभारी संतोष की पोल खुल गयी. जिसके बाद वह मोबाइल बंद कर फरार हो गया. जिलाधिकारी के आदेश पर घोटालेबाज पर सख्त एक्शन भी शुरू हो गया है.
पीसीएफ के जिला प्रबन्धक धनंजय तिवारी ने करोड़ों के घोटालेबाज पीसीएफ गोदाम प्रभारी के विरुद्ध डीएम के आदेश पर नगर कोतवाली में गबन, धोखाधड़ी समेत कई संगीन धाराओं में मुक़दमा दर्ज कराया है. पुलिस मुक़दमा दर्ज कर आरोपी घोटालेबाज की तलाश में जुटी है. प्रतापगढ़ के सहायक आयुक्त एव सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी अरविन्द प्रकाश ने बताया कि गोदाम प्रभारी संतोष कुमार कों तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है. संतोष कुमार के पास तीन पीसीएफ गोदाम क चार्ज था. इस बीच अफसरों ने तीनों गोदाम कों सील कर दिया है. पीसीएफ गोदाम में करोड़ों के डीएपी घोटाले की जांच के लिए शासन स्तर से तीन अफसरों की टीम भी गठित की गयी है.
पहले भी कर चुका है घोटाला
बताते चलें कि पीसीएफ गोदाम प्रभारी संतोष ने 78 समितियों को डीडी नंबर भेज दिया था, लेकिन डीएपी को समिति में न भेज कर मार्केट में बेच दिया. जब समिति के सचिवों ने इसकी शिकायत डीएम से की तो मामले की जांच कराई गई तो पूरा खाद घोटाला ही खुलकर सामने आ गया. पीसीएफ गोदाम प्रभारी संतोष कुमार अपने सियासी रासुक के चलते प्रतापगढ़ में आठ वर्षों से जमा है. यही नहीं प्रतापगढ़ उसका गृह जनपद होने के बाद पीसीएफ के अफसरों द्वारा मानक ताक पर रख उसको तैनाती दी थी. पीसीएफ में भण्डारण नायक के पद पर तैनात घोटालेबाज पर श्रावस्ती जिले में लाखों रुपये के घोटाले का आरोप है. वहां भी उसके ऊपर निलंबन की कार्यवाही हो चुकी है,लेकिन अफसरों और पीसीएफ से सांठ-गांठ से अफसरों ने उसको तीन तीन गोदामों का चार्ज दे रखा था. वहीं 1055 मीट्रिक टन डीएपी खाद की कीमत लगभग 4 करोड़ बताई जा रही है.