कश्मीर में गृहमंत्री ने बैठक में बढ़ते आतंकवाद व कट्टरता पर अफसरों से जवाब मांगा, लंबी मुठभेड़ों पर सवाल उठाए
जम्मू कश्मीर. गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को जम्मू कश्मीर के दौरे पर पहुंचे, उन्होंने श्रीनगर में स्थित राजभवन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई लेवल मीटिंग की। 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 रद्द होने के 25 महीने बाद यह शाह की पहली जम्मू कश्मीर यात्रा है। श्रीनगर एयरपोर्ट पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गृहमंत्री का स्वागत किया। शाह यहां से सीध्ेा जम्मू कश्मीर सीआईडी के शहीद इंस्पेक्टर परवेज अहमद डार के घर पहुंचे। उन्होंने परवेज को श्रद्धांजलि दी और उनके घरवालों से मुलाकात की।
बैठक में गृहमंत्री ने बढ़ते आतंकवाद व कट्टरता पर सुरक्षा एजेंसियों से जवाब मांगा
गृहमंत्री अमित शाह ने बैठक में कश्मीर में बढ़ते आतंकवाद और कट्टरता पर सुरक्षा एजेंसियों से जवाब मांगा। उन्होंने घाटी में लंबे तक चलने वाली मुठभेड़ पर भी सफाई मांगी। बैठक में घाटी में लगातार हो रही आम नागरिकों की हत्या और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ में बढ़ोतरी पर भी चर्चा हुई। मुलाकात के बाद शाह ने सोशल मीडिया पर कहा कि शहीद जवान परवेज अहमद के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुझे और पूरे देश को उनकी बहादुरी पर गर्व है। उनके परिजनों से भेंट की और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दी।
कश्मीर में पिछले कुछ दिनों के अंदर हुए आतंकी हमलों और गैर कश्मीरियों पर हमलों के बाद शाह का यह दौरा सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। शाह 3 दिन जम्मू-कश्मीर में कई अहम बैठकें करेंगे। शाह के दौरे को देखते हुए गृह मंत्रालय ने कश्मीर में विशेष तौर पर स्नाइपर्स, ड्रोन और शार्पशूटर्स को तैनात किया है इन्हें स्ट्रैटेजिक पॉइंट की देखरेख के लिए भेजा गया है। शाह राजभवन में (रॉ)प्रमुख सामंत कुमार गोयल, सेना के बड़े अफसरों, आईबी चीफ समेत 12 बड़े सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक हाईलेवल मीटिंग भी करेंगे।