सुरक्षा एजेंसियों को मिला बड़ा अलर्ट, पंजाब चुनाव से पहले हमले करवा सकता है ISI
नई दिल्ली. पंजाब के आगामी चुनावों (Punjab Assembly Elections) को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा अलर्ट मिला है. सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब और चंडीगढ़ इंटेलिजेंस विंग को एक महत्वपूर्ण अलर्ट भेजकर बताया है कि आगामी पंजाब चुनावों के मद्देनजर पाकिस्तान की खुफिया एंजेसी ISI पंजाब में बड़े हमले करवा सकती है. अलर्ट में बताया गया है कि आईएसआई अन डिटेक्टिव ड्रोन के जरिये हथियार, ड्रग्स विस्फोटक आर्म्स एम्युनेशन सीमा पार से पंजाब की सीमा में भेज सकती है.
अलर्ट में यह भी कहा गया है की खालिस्तान मूवमेंट से जुड़े लोग पंजाब में माहौल खराब करने की नीयत से हिंसा भड़काने का काम भी कर सकते हैं. अलर्ट में बताया गया है की एन्टी सोशल एलीमेंट भी छुटपुट हिंसा की घटनाओं के जरिये माहौल खराब की कोशिश में है. इसके साथ ही खालिस्तानी सिंपैथाइजर और उनके सोशल मीडिया एकाउंट पर भी पैनी नजर रखने को कहा गया है.
इस अलर्ट के बाद पंजाब और चंडीगढ़ की इंटेलिजेंस विंग की तमाम यूनिट्स को अलर्ट पर रखा गया है.
लगातार पंजाब में माहौल बिगाड़ने की कोशिश में है पाकिस्तान
बता दें की जिस तरह से हाल में पाकिस्तान ISI की तरफ से पंजाब की सीमा पर ड्रोन के जरिये विस्फोटक और नशीले पर्दाथ भेजकऱ माहौल खराब करने की कोशिश हो हुई अब एक बार फिर पाकिस्तान ISI पंजाब चुनावों को लेकर गड़बड़ी फैलाने की पुरजोर कोशिश में जुट गया है.
सुरक्षा एजेंसियों को यह अलर्ट ऐसे समय में मिला है जब कि हाल ही में केंद्र सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कानून में संशोधन कर इसे पंजाब, पश्चिम बंगाल और असम में अंतरराष्ट्रीय सीमा से मौजूदा 15 किलोमीटर की जगह 50 किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में तलाशी लेने, जब्ती करने और गिरफ्तार करने की शक्ति दे दी है.
हालांकि पंजाब सरकार और विपक्षी पार्टी शिरोमणि अकाली दल लगातार केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस ने इसे देश के संघीय ढांचे पर हमला करार दिया है. शनिवार को हुई कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में पार्टी की ओर से यह तय किया गया है कि बीएसएफ के अधिकार बढ़ाने से जुड़ी अधिसूचना वापस लेने के लिए केंद्र सरकार को विवश किया जाएगा.