भोपाल से लापता 3 लड़कियां ग्वालियर में मिली, ग्वालियर स्टेशन पर जीआरपी ने सुरक्षित उतारा

ग्वालियर. भोपाल के पॉश इलाके में रहने वाले दो परिवारों की 3 लड़कियों ने दिल्ली घूमने की प्लानिंग कर ली। लड़कियां परिवार वालों को बिना बताए मंगलवार रात भोपाल रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर दिल्ली जा रही कालिका एक्सप्रेस में सवार हो गई। जब परिजन को उनके घर से जाने का पता लगा तो उन्होंने मामले की सूचना भोपाल पुलिस को दी। भोपाल स्टेशन पर बच्चियां सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दीं इसके बाद परिवार ने तीनों के गायब होने की सूचना भोपाल पुलिस के साथ जीआरपी को दी। सूचना पर जीआरपी अलर्ट हुई। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 1.30 बजे ग्वालियर पहुंची कालिका एक्सप्रेस में मिली तीनों बच्चियों को ग्वालियर में सुरक्षित उतारा। पूछताछ लड़कियों ने खुद को भोपाल का रहने वाला बताया। इस पर भोपाल पुलिस व उनके परिवार वालों को सूचना दी गई। इसके बाद परजिन उन्हें लेने भोपाल से ग्वालियर पहुंचे। बुधवार शाम भोपाल के लिए रवाना हो गए हैं।

ग्वालियर जीआरपी टीआईबलराम यादव ने बताया कि भोपाल स्थित इंद्र विहार कॉलोनी एयरपोर्ट रोड पर रहने वाले हितेश आहूजा उनके भाई विपिन आहूजा व पास ही स्थित पंचवटी कॉलोनी में कमल कुमार माधवानी परिवार के साथ रहते हैं। इन परिवारों की तीन बच्चियां जिनकी उम्र 10 से 13 साल है। लॉकडाउन के चलते बीते डेढ़ साल से घर में रहकर परेशान हो चुकी थीं। तीनों ने मिलकर दिल्ली घूमने का प्लान बना डाला।

मंगलवार शाम तीनों सहेलियां घर से अलग-अलग निकलीं। घर के पास पार्क में मिलीं। वहां से भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां से बिना टिकट भोपाल से कालिका एक्सप्रेस के जनरल कोच में बैठ गईं। घर से एक साथ तीनों लापता होने पर इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तत्काल तीनों के गायब होने की सूचना इलाके के थाने व जीआरपी भोपाल को दी गई थी। भोपाल जीआरपी ने सभी स्टेशन पर अलर्ट किया। रात को सभी ट्रेनों में चेकिंग की गई। रात करीब 1.30 बजे कालिका एक्सप्रेस के जनरल कोच में तीनों बच्चियां मिल गईं। इसके बाद परिजन को सूचना दी गई। परिजन ग्वालियर पहुंचे।

सिर्फ 34 रुपए लेकर निकली थीं दिल्ली घूमने

जीआरपी ग्वालियर के अनुसार तीनों बच्चियां संपन्न परिवार से है। इनमें से दो नाबलिग के पिता का मोबाइल का कारोबार है। वहीं, तीसरी बच्ची के पिता का रस्सी का कारोबार है, लेकिन दिल्ली घूमने के लिए तीनों के पास सिर्फ 34 रुपए ही जीआरपी को मिले हैं।

मैगी से लेकर बिरयानी से आवाभगत

जीआरपी थाने में बैठी तीनों बच्चियों का जीआरपी स्टाफ ने पूरा ध्यान रखा। सुबह तीनोंमासूमों को चाय-कॉफी के साथ मैगी व बिरयानी का नाश्ता परोसा गया। साथ ही, स्टाफ ने बाजार से चॉकलेट लाकर भी खिलाई। शाम को परिजन के आने के बाद वह बच्चियों को लेकर भोपाल रवाना हो गए।