पहले दिन 18 से 20 प्रतिशत छात्र-छात्रायें पहुंची स्कूल, छात्रायें बोली स्कूल में अच्छा लग रहा है
ग्वालियर. 6-8वीं तक के स्कूल खुल गये हैं। पहले दिन बच्चे स्कूल तो आये, लेकिन अभिभावक उनको स्कूल भेजने में असमंजस में नजर आये। पहले दिन 20 प्रतिशत के लगभग ही छात्र स्कूल पहुंचे हैं। बच्चों के साथ अभिभावक भी स्कूल आये हैं। उन्होंने पहले स्कूल में कोविड गाइडलाईन के पालन पर स्कूल प्रबंधन से चर्चा की है। कक्षा में बच्चों के बैठने की व्यवस्था को समझा है। उसके बाद अपना सहमति पत्र स्कूल प्रबंधन को सौंपा और बच्चों को क्लास तक छोड़ा है। स्कूल प्रबंधन ने भी बच्चों के बैठने की पूरी व्यवस्था की थी। एक बेंच पर एक ही स्टूडेंट को बैठाया हैं।
6, 7, 8वीं के छात्र तो 18 माह के बाद स्कूल लौटे हैं। ऐसे में अपने पुराने दोस्तों से मिलकर और स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाई करके काफी खुश नजर आये है। पद्मा विद्यालय की छात्राओं को गेट पर ही छात्रों को सैनिटाइज करने के लिये स्टाफ तैनात नजर आये । इसके बाद थर्मल गन से स्क्रीनिंग की गयी। बॉडी का ताप लेने के बाद अन्दर क्लास में सोशल डिस्टेंस के साथ क्लास शुरू की गयी है। इसी तरह प्रायवेट स्कूल में आरएस कान्वेंट स्कूल में भी पूरी सुरक्षा के साथ बच्चों की क्लासेंस प्रारंभ हो गयी है।
छात्रायें बोली स्कूल में अच्छा लग रहा है
पद्माराजे विद्यालय में कक्षा 6वीं की छात्रा काजल का कहना है कि उनको लम्बे समय के बाद क्लास में आना बहुत अच्छा लग रहा है। ऑनलाइन क्लासेस चल रही थीं। लेकिन ऑफ लाईन क्लासेस का अपना अलग ही मजा है। यहां पुराने दोस्त भी मिले हैं। इससे हमें आगे पढ़ाई में काफी मदद मिलेगी। पद्मा विद्यालय में 7वीं की छात्रा अंजली नेबताया कि उनको स्कूल में आकर काफी अच्छा लग रहा है। कोरोना से उनकी काफी पढ़ाई का नुकसान हुआ है। मां-पापा ने बताया है कि बीच-बीच में हैण्ड सैनिटाइज करते रहना है। किसी के पास नहीं बैठना और दूरी बनाकर रखना। ऑफलाइन क्लासेस का मजा ही अलग है।
स्कूल प्रबंधन का कहना
स्कूल में 6वीं से लेकर 12वी तक की क्लासेस लग रही हैं। 6वीं से 8वीं तक करीब 20 प्रतिशत बच्चे आए हैं। सभी के पैरेंट्स से सहमति पत्र लिए गए हैं। जो बच्चे उपस्थित नहीं हुए हैं उनसे भी बात की जा रही है। स्कूल में 21 टीचर हैं उनमें से 19 टीचर को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं। इसलिए उनको स्कूल बुलाया गया है। दो टीचर ने पहला ही डोज लगवाया है इसलिए अभी उनको स्कूल नहीं बुलाया जा रहा है।
अशोक कुमार, प्रचार्य पदमाराजे
स्कूल में बच्चों के आने से लेकर बैठने तक की व्यवस्था कोविड गाइड लाइन के आधार पर की है। हर बच्चे का अपने बच्चों की तरह ख्याल रख रहे हैं उसकी वीडियोग्राफी भी करा रहे हैं। जिससे पैरेंट्स को दिखा सकें कि उनके बच्चे किस तरह सुरक्षित हैं।
मनोज शर्मा, संचालक आरएस कॉन्वेंट स्कूल