शिमला से हैं किसानों का सिर फोड़ने का आदेश देने वाले SDM आयुष सिन्हा, UPSC के सिविल सर्विसेज में हासिल किया था 7वां रैंक
शिमला. हरियाणा के करनाल जिले में बीते सप्ताह किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर काफी बवाल हुआ. एसडीएम आयुष सिन्हा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह कहते दिख रहे हैं कि किसानों के सिर पर लाठी मारें और इस जगह से आगे कोई पहुंचा तो उसका सिर फूटा हुआ होना चाहिए. अब इस पूरे मामले में हरियाणा सरकार भी बैकफुट पर है. सीएम मनोहर लाल खट्टर तक को सफाई देनी पड़ी है. उन्होंने कहा कि अधिकारी ने शब्दों का सही चयन नहीं किया. हालांकि, उन्होंने एसडीएम का समर्थन भी किया. किसान संगठन आयुष पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
वीडियो में आयुष पुलिसवालों से कहते दिख रहे हैं कि इस जगह से आगे कोई नहीं आना चाहिए, अगर कोई आता है तो उसका सिर फूटा हुआ होना चाहिए. आयुष ने इस दौरान कहा कि वह दो दिन से सोए नहीं हैं. घटना के बाद यह वीडियो काफी वायरल हुआ था.
कौन हैं आयुष सिन्हा?
दरअसल, आयुष सिन्हा हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रहने वाले हैं. आयुष सिन्हा ने यूपीएससी-सिविल सेवा की परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल की थी. वह तीसरे प्रयास में सफल हुए थे. शिमला के रहने वाले आयुष सिन्हा ने 2015 में पहली बार भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा दी थी और पहली ही बार में साक्षात्कार तक पहुंचे. साल 2016 में दूसरी बार परीक्षा दी और 100वां रैंक हासिल किया. अच्छी पोस्ट न मिलने पर दोबारा 2017 में भी परीक्षा दी और 7वां स्थान हासिल किया. वह हिमाचल पुलिस में अधिकारी अतुल वर्मा के भांजे हैं.
शिमला के एडवर्ड स्कूल से पासआउट
आयुष ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा शिमला में ही पूरी की है. शिमला के एडवर्ड और दिल्ली के आरके पुरम से स्कूलिंग की है. बिट्स गोवा से केमिकल इंजीनियरिंग और एमएससी बायोलॉकिल साइंसेज में की है. आयुष सेवानिवृत आईएफएस अधिकारी प्रदीप कुमार सिन्हा के बेटे हैं, जिनकी 2017 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी. आयुष की मां अलका सिन्हा शिमला के जाने-माने सैंट बिड्स कॉलेज में अर्थशास्त्र की प्रवक्ता हैं.