महाराज बाड़े पर (हाइड्रोलिक मशीन) हादसे में मृत कर्मचारियों के परिजनों ने लगाया जाम, फायर ऑफिसर उमंग प्रधान को सस्पेंड किया

ग्वालियर. महाराज बाड़ा पर सुबह बड़ा हादसा होने से नगर निगम की फायर हाइड्रोलिक मशीन के क्षतिग्रस्त होने से नगरनिगम के तीन कर्मचारियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद दुर्घटना के बाद लोगों में आक्रोश है। आमजन और कर्मचारियों के परिजनों ने नगरनिगम के अधिकारियों को इस हादसे का जिम्मेदार बताते हुए जाम लगा दिया है।

इधर प्रदेश सरकार की ओर से दुर्घटना में मृत नगर निगम के कर्मचारियों के परिवारों को साढ़े चार लाख रुपए की सहायता घोषित की गई है इसके साथ ही मृतक कर्मचारियों के परिजनों को उसी पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाने की भी बात कही गई है। दुर्घटना में घायल कर्मचारी को निःशुल्क इलाज के साथ ही 50 हजार की आर्थिक मदद दी जा रही है।

अपर कलेक्टर आशीष तिवारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई

जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि सीएम शिवराज सिंह ने भी इस दुःखद घटना पर गहरा शोक जताया है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि इस दुर्घटना की बारीकी से जांच करने के आदेश दे दिए गए है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अपर कलेक्टर आशीष तिवारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अस्पताल के चारों ओर का रास्ता जाम के कारण बंद

दुर्घटना में नगर निगम के कर्मचारी कुलदीप, प्रदीप व विनोद की मृत्यु हुई है। नगर निगम के कर्मचारी मंजर आलम दुर्घटना में घायल हुए है जिनको इलाज के लिए जेएएच के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। मृत कर्मचारियों के गुस्साए परिजन बॉडी लेकर निकले और जाम लगा दिया। अस्पताल के चारों ओर का रास्ता जाम के कारण बंद हो चुका है।

फायर ऑफिसर उमंग प्रधान को सस्पेंड

मृतकों के परिजन बॉडी लेकर महाराज बाडे की ओर रवाना हो गए। परिजनों का कहना है कि बाड़े पर ही शव रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। निगम के सभी कर्मचारी भी महाराज बाड़ा आकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी फायर अधिकारी उमंग प्रधान को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार फायर ऑफिसर उमंग प्रधान को सस्पेंड कर दिया गया है।