बेकाबू हालात-ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी-श्योपुर में ढाई हजार से अधिक लोग बाढ़ में फंसे, सेना ने संभाली जिम्मेदारी
शिवपुरी, श्योपुर, दतिया और ग्वालियर में लगातार वर्षा और उफनती नदियों ने हालात बेकाबू कर दिये हैं। मंत्री महेन्द्र सिसोदिया का मानना है कि लगभग 2 हजार के लगभग लोग शिवपुरी में फंसे हैं। पूरे अंचल में बाढ़ का केन्द्र शिवपुरी बना हुआ है। यहां हालात सबसे अधिक खराब है। इसके अलावा ग्वालियर-चम्बल अंचल में 2500 से अधिक लोग प्रशासन से मदद की आस लगाये बैठे हैं। मंत्री सिसोदिया ने बताया है कि बुधवार से सेना रेस्क्यू का कार्य शुरू कर देगी। सीएम शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से बात हुई है। सीएम कहा संकट बहुत बड़ा हैं।
एक सप्ताह से लगातार वर्षा और बांधों के फुल होने के बाद से नदियों में छोड़े गये कई लाख क्यूसेक पानी ने ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र में हालात जिला प्रशासन के काबू से बाहर कर दिये गये हैं। सबसे अधिक क्षेत्र के शिवपुरी, श्योपुर, दतिया और ग्वालियर जिले प्रभावित हुए हैं। शिवपुरी के करैरा, पोहरी विधानसभा के एक सैकड़ा से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इसके साथ ही ग्वालियर, शिवपुरी से लगे भितरवार और मोहना में बुरी हालत हैं। सिध, पार्वती, कूनो, नोन नदियों के किनारे बसे कई गांव पानी में डूब गये हैं। मंत्री सिसोदिया के अनुसार शिवपुरी के पोहरी में उन्होंने निरीक्षण किया है। मंत्री सिसोदिया का कहना है कि अकेले शिवपुरी में 2 हजार से अधिक लोग फंसे हुए हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टर लगातार रेस्क्यू कर रहे हैं। लेकिन खराब मौसम की वजह से उतनी मदद नहीं हो पा रही जितनी की वहां जरूरत हैं।
एक सप्ताह से लगातार बारिश और बांधों के फुल होने के बाद नदियों में छोड़े गए कई लाख क्यूसेक पानी ने ग्वालियर-चंबल अंचल हालात जिला प्रशासन के काबू से बाहर कर दिए हैं। सबसे ज्यादा अंचल के शिवपुरी, श्योपुर, दतिया और ग्वालियर जिले प्रभावित हुए हैं। शिवपुरी के करैरा, पोहरी विधान सभा के एक सैकड़ा से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इसके साथ ग्वालियर के शिवपुरी से लगे भितरवार और मोहना में बुरी हालत है। सिंध, पार्वती, कूनो, नोन नदियों के किनारे बसे कई गांव पानी में डूब गए हैं। प्रदेश के मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया की माने तो शिवपुरी के पोहरी में उन्होंने निरीक्षण किया है। मंत्री सिसोदिया का कहना है कि अकेले शिवपुरी में 2000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं। वायु सेना के हेलिकॉप्टर लगातार रेस्क्यू कर रहे हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण उतनी मदद नहीं हो पा रही है।
अंचल में कहां कितनी बारिश
शिवपुरी में 470 MM बारिश
गुना में 270 MM बारिश
श्योपुर में 215 MM बारिश
अशोक नगर में 180 MM बारिश
मुरैना में 80 MM बारिश
ग्वालियर मे 72 MM बारिश हुई है।
मुरैना,,,
चंबल नदी अपने खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर बह रही है, अपने पूरे आवेग में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को समेटे हुए हाहाकार मचा रही है, खतरे का निशान 138 मीटर पर है जबकि अभी सुबह 8 बजे 143 मीटर के निशान को पार कर चुकी है,,,