हर रोज 2 लाख लीटर शुद्ध पानी लाइन लीकेज बर्बाद हो रहा, इन्हें सुधारने के लिये निगम के अधिकारियों के समय नहीं है

शहर में धीरे-धीरे जल संकट बढ़ता जा रहा है और एक ओर पीएचई के अधिकारी ककेटो से पानी लिफ्ट कर तिघरा बांध में लाने योजना बना रहे हैं वही दूसरी ओर शहर में हर रोज 2 लाख लीटर से अधिक पानी सड़कों पर बर्बाद हो रहा है। शताब्दीपुरम के फेज-14 के बी ब्लॉक में 5 दिन से पानी की लाइन फूटी है। यही हाल चम्बल कॉलोनी में बना हुआ है। तिघरा जलाश्य में दिनों दिन पानी कम होता जा रहा है 66 वार्डो के नलकूपों का स्तर भी 20-30फीट तक नीचे जा चुका है और कुछ तो सूखने की कगार पर दिखाई देने लगी है। ऐसे में भी पानी की बर्बादी को रोकने का प्लान नगरनिगम के अधिकारी तैयार नहीं कर पा रहे हैं।
शताब्दीपुरम और चम्बल कॉलोनी की पानी लाइन फूटी हुई है इन्हें सुधारने के लिये पीएचई के इंजीनियरों के पास समय नहीं है किलागेट और गेंडेवाली सड़क पर हर दिन रात को नालियों में शुद्ध पानी भरकर चलता है। यहां पर घरों में टोटियां नहीं लगने से पूरी रात पानी नालियों में बह रहा है।

यहां हो रही है पानी की बर्बादी

शताब्दीपुरम: यहां के फेज-1 के बी ब्लॉक में 5 दिन से पानी की लाइन फूटी पड़ी है। स्थानीय निवासी कुलदीप सिंह ने नगर निगम में शिकायत भी की। इसके बाद भी लाइन को ठीक नहीं किया गया। सप्लाई वाले दिन आज भी रोज 25 हजार लीटर पानी सड़कों पर बह जाता है।

चंबल कॉलोनी: थाटीपुर को जोड़ने वाले मार्ग पर पानी की लाइन फूटी है। यहां गुरुवार को सुबह सप्लाई के दौरान पानी सड़कों पर बह रहा था।

किला गेट और गेंडेवाली सड़क: यहां देर रात में सप्लाई खोली जाती है। घरों में नलों में टोटियां नहीं लगे होने के कारण पानी नालियों में पूरी रात बहता रहता है।