नया एयरपोर्ट बनाने के लिये टीम जगह देख रही है, 400 हैक्टर जमीन की आवश्यकता
ज्योतिरादित्य सिंधिया के नागरिक उड्डयन मंत्री बनते ही एयरपोर्ट विस्तार और ग्वालियर के दूसरे महानगरों से एयर कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद बढ़ गयी हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की टीम गुरूवार को एयरपोर्ट विस्तार की संभावना और ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाने के लिये जमीन देखने के लिये ग्वालियर पहुंची।
एयरपोर्ट विस्तार के लिये साडा आलू अनुसंधान केन्द्र की जमीन देखी
टीम फिजिबिलिटी सर्वे कर रही थी इस बीच जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट विस्तार के लिये भिण्ड रोड स्थित आलू अनुसंधान केन्द्र की जमीन टीम को दिखाई। टीम को यह जमीन एयरपोर्ट विस्तार के लिये पसंद आयी और बाद में साडा की काउंटर मैग्नेट सिटी की 850 हैक्टर जमीन भी दिखाई। शुक्रवार को टीम ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की संभावना को लेकर शहर से लगभग 40 किमी दूर कराहिया गांव में जमीन देखने के लिये जायेगी। टीम शुक्रवार की शाम को शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना हो जायेगी और वहां पहुंचकर अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौपेंगी।
रिपोर्ट सौंपने के बाद तय होगा एयरपोर्ट नया बनेगा या विस्तार होगा
इसके बाद तय होगा कि गवालियर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनेगा या फिर वर्तमान एयरपोर्ट का विस्तार होगा। नये एयरपोर्ट के निर्माण के लिये एएआई को 400 हैक्टर जमीन की आवश्यकता है। जबकि इसके निर्माण में लगभग 1 हजारा करोड़ रूपये खर्च होंगे और साथ ही तीन वर्ष का समय लगेगा। वहीं विस्तार के लिये लगभग 40 हैक्टर जमीन की आवश्कता है। जिसमें नये टर्मिनल की बिल्डिंग तैयार होगी। जबकि रनवे एयरफोर्स का ही उपयोग होगा। एयरपोर्ट विस्तार होने या फिर ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनने पर ग्वालियर में बोइंग और एयरबस लैण्ड कर पायेगी।
एएआई की टीम इन दोनों जमीनों का सर्वे कर रही है
वर्तमान एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अनुसंधान केंद्र की जमीन एएआई की टीम को दिखवाया है। जबकि ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए साडा के मालीपुरा और पवा की जमीन दिखवाई गई है। टीम इन दोनों जमीनों का सर्वे कर रही है कि यहां विस्तार और ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट बनाया जा सकता है या नहीं।
आशीष तिवारी, अपर कलेक्टर