1989 बैच के आईपीएस अधिकारियों की डीपीसी, एडीजी सुशोभन बनर्जी व संजय माने को नहीं मिलेगा प्रमोशन
भोपाल. मप्र कैडर के 1989 बैच के अधिकारियों को प्रमोदन देने के लिये डिपार्टमेंट प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) की बैठक 12 जुलाई सोमवार को होगी। इस बैच के अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) से डीजी रैंक में प्रमोशन दिया जाना है। इस बैच में 2 अधिकारियों में सुशोभन बनर्जी और संजय वी माने भी है। लेकिन इन दोनों अधिकारियों को प्रमोशन फिलहाल नहीं मिलेगा। इनके खिलाफ लोकसभा चुनाव कालेधन का उपयोग करने के मामले में जांच चल रही है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की रिपोर्ट में बनर्जी और माने का नाम सामने आया था।
मंत्रालय से मिली खबर के अनुसार 1989 बैच के अधिकारियों को प्रमोशन देने के लिये डीपीसी की बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी विवेक जौहरी, एसीएस आईसीपी कैशरी और डॉ. राजेश राजौरा उपस्थित रहेंगे। इस बैच के एडीजी मिलिंद कानेस्कर, मुकेश कुमार जैन, संजय झा, अजय शर्मा, गोविंदप्रताप सिंह, राजेश चावला, पीएस फालिनकर, जीआर मीणा और सुषमासिंह को डीजी रैंक में प्रमोशन पर मुहर लगेगी।
11 अधिकारियों के आईपीएस बनने का रास्ता होगा साफ
राज्यपुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत करने के लिये होने वाली डीपीसी का रास्ता भी साफ हो गया है। पहले 11 पदों के लिये गृह विभाग डीपीसी करायेगा। इसके बाद कैडर रिव्यू में इस साल स्वीकृत होने वाले पदो ंके लिये डीपीसी होगी। अब तक संभावना थी कि 11 पदों और इस वर्ष होने वाले कैडर रिव्यू में स्वीकृत होने वाले पदों पर डीपीसी साथ होगी। इससे डीपीसी में समय लग सकता था। जिससे पहले 11 पदों पर एसपीएस से आईपीएस बनने वाले पुलिस अधिकारियों को और इंतजार करना पड़ सकता है।
पीएचक्यू के सूत्रों ने बताया हैकि कोरोना की वजह से यह डीपीसी मार्च में हो जानी चाहिये थी। लेकिन अभी तक डीपीसी की प्रक्रिया ही चल रही है। इस सप्ताह पुलिस मुख्यालय डीपीसी कराने के लिये प्रस्ताव राज्य शासन को भेज देगा और जिसके बाद राज्य शासन प्रस्ताव को केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगा। इसके बाद डीपीसी की प्रक्रिया पूरी की जायेगी। पूरी उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक डीपीसी की प्रक्रिया पूरी हो जायेगी। इस डीपीसी में 1995 और 1996 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को आईपीएस पद पर पदोन्नत किया जायेगा।
इन अफसरों का होगा आईपीएस में प्रमोशन
अब तक की स्थिति के मुताबिक प्रकाश चंद्र परिहार, निश्चल झारिया, रसना ठाकुर, संतोष कोरी, जगदीश डाबर, मनोहर सिंह मंडलोई, रामजी श्रीवास्तव, जितेन्द्र सिंह पवार, सुनील तिवारी, संजीव कुमार सिन्हा और संजीव कुमार कंचन को आईपीएस पर पदोन्नत किया जाएगा। जबकि इस सभी सीनियर होने के बावजूद अनिल कुमार मिश्रा और देवेन्द्र कुमार सिरोलिया को प्रमोशन नहीं मिल सकेगा। इसकी वजह है मिश्रा रेप के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे हैं, जबकि सिरोलिया की उम्र 56 साल से अधिक हो जाने से उनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा।