दतिया में रेत से भरी ट्रैक्टर -ट्रॉली से टकराने पर बारादरी हुई धाराशायी, एक दर्जन दबीं बाइक
सिद्धपीठ श्री पीताम्बरा मंदिर के सामने सड़क पर स्थित बारादरी के पिलर को सोमवार की शाम को रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली ने टक्कर मार दी और इस टक्कर से बारादरी जमींदोज हो गयी। मलबे के नीचे एक दर्जन मोटरसाईकिल दब गयी। सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंच गये। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
कैसे गिरी बारादरी
सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा शहर में बिडिंगों के निर्माण कार्य के लिये सर्विस प्रोवाइडरों को राहत दी गयी है, लोग, मकानों का निर्माण कर सकें। इसलिये रेत-गिट्टी व ईट का व्यापार करने की राहत दी गयी है। पहले ही दिन शाम लगभग 6 बजे तेज रफ्तार रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली आई। यह सीधे बारादरी के पिलर से जा टकराई। यह टक्कर इतनी तेज थी, बारादरी के सभी पिलर जमींदोज हो गये। वह सड़क पर आग गिरे। इसके आसपास रखी एक दर्जन मोटरसाईकिल दब गयी। घटना के बाद चालक, ट्रैक्टर ट्रॉली को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।
मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के अनुसार यह ट्रैक्टर ट्रॉली धर्मेन्द्र यादव की थी। कोतवाली पुलिस ने इसे जब्त कर लिया। वहीं, ट्रैक्टर ट्रॉली चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। बारादरी के ध्वस्त होने के बाद मले के नीचे दबी मोटरसाईकिलों दबने के बाइक मालिक मौके पर आ गये। उन्होंने पत्थरों को हटाकर देखा तो तो उनकी मोटरसाईकिल चकनाचूर हो गयी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सड़क से मलबे को हटाये जाने का काम शुरू कराया।
बारादरी सुंदरता में लगा रही थी चार चांद
बारादरी का निर्माण वर्ष 2013 में एमपीआरडीसी ने कराया गया था। इसके लिए राजस्थान से लाल पत्थरों को मंगाया गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा इन पत्थरों को भेजा गया था। यह बारादरी को सिद्ध पीठ स्थल पीतांबरा मंदिर के पास दोनों ओर बनाए गए थे। यह बारादरी की चौड़ाई करीब 45 फीट और ऊंचाई करीब 25 फीट बताई जा रही है। यह बारादरी शहर की सुंदरता में चार चांद लगाए हुए थी।