शादियों के मण्डल में पहुंचा कोरोना.बारात आने से पूर्व दुल्हन हुई कोरोना, 3 दिन पूर्व दूल्हा निकला पॉजिटिव
शादी की पूरी तैयारी हो चुकी थी और 25 अप्रैल को बारात लेकर दतिया पहुंचना था। वहां कोरोना की पाबंदियों के बीच जोर शोर से शादी की प्लानिंग चल रही थीए इसी दौरान बारात से 3 दिन पूर्व दूल्हा राजेश ;बदला हुआ नामद्ध कोरोना पॉजिटिव निकल आया। यह बात दतिया में दुल्हन के परिवार वालों को पता चली तो उन्होंने बिना बात किये शादी निरस्त कर दी। इब इस सहालग में तो शाही की शहनाई नहीं बज सकेगी। दोनों परिवा अगामी सहालग में नया मुहूर्त तलाश रहे हैं तो कहीं दुल्हन। कुछ घरों में तो दूल्हाए दुल्हन के मां.बाप पॉजिटिव आने से भी शादी टल गयी है।
बारात के आगमन से पूर्व दुल्हन हुई पॉजिटिव
इन्द्रमणिनगर निवासी रूचिका ;बदला हुआ नामद्ध की शादी 25 अप्रैल को है। पूरा परिवार शादी की तैयारयों में जुटा हुआ था कि दो दिन पूर्व रूचिका की मांए पिता व उसकीय तबियत खराब हुई। जब दवा लेने पहुंचे तो डॉक्टर ने कोरोना जांच करवाई। जांच कराई तो पता चला कि माता.पिता के साथ ही दुल्हन भी पॉजिटिव है और इसका पता जब दूल्हें व उसके परिजनों को चला तो शादी निरस्त होने का संदेश भेजकर आगामी मुहूर्त में शादी करने की बात कहीं।
बारात से पहले दूल्हा पॉजिटिव
माधवगंज निवासी विवेक ;बदला हुआ नामद्ध की शादी दतिया में व्यापारी के घर में तय हुई थी। 25 अप्रैल को विवेक की बारात दतिया के लिये रवाना होनी थी। शादी में जाने के लिये उनके खास मेहमान भी घर पर आ गये थे। लेकिन 21 अप्रैल को तबियत खराब होने पर विवेक ने कोरोना टेस्ट करवाया। जिस पर 22 अप्रैल को रिपार्ट में दूल्हे के पॉजिटिव आने का पता लगा। दूल्हे के पॉजिटिव आने और लंग्स में संक्रमण की खबर का पता युवती के परिजनों को चला तो उन्होंने बिना देर कियेए शादी निरस्त करने का संदेश भेज दिया। अब जो मेहमान शादी में शामिल होने आये वह भी अपनी जांच कराकर वापिसी की तैयारी में जुट गये हैं।
अप्रैल मई की शादियों पर कोरोना संकट
कोरोना संक्रमण के चलते अप्रैल माह के मुहूर्त में होने वाली कुछ शादियां निरस्त हो गर्इं, कुछ बिना मेहमानों, ढोल ताशों के होगीं। संक्रमण का हाल देखकर मई में जिनके घर शादियां हैं वह भी घबरा गए हैं, क्योंकि अभी कोरोना की यही स्थिति रहने वाली है। खासकर वह लोग परेशान है जिनकी बारात दूसरे जिलों में जानी है। अब उम्मीद जून व जुलाई में होने वाले मुहूर्त से है, क्योंकि लोगों का मानना है कि जून, जुलाई में संक्रमण कम होगा तो वह शादी आसानी से व बगैर डर के कर सकेंगे।