भक्तिभाव से शबरी मैया ने पूरे वनवासी समाज का बढ़ाया मान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिन्होंने नि:शब्द रहकर अपनी पुण्य भावनाओं को अमर शब्द दे दिए, ऐसी शबरी मैया को पूरे मध्यप्रदेश की ओर से नमन है, वंदन है। जिनके जूठे बेर खाकर भगवान श्री राम भी भक्तिभाव से धन्य हो गये उस माता शबरी की महिमा कौन नहीं जानता। भगवान को बेर भी भेंट देने से पहले खुद बेर का मीठापन जांच लेना भक्ति का उत्कर्ष है। यह प्रसंग हमें बताता है कि भगवान भक्त की आराधना पद्धति के नहीं, बल्कि उसके मन के भावों के भूखे होते हैं। व्यक्ति का मूल्य उसके हृदय की पवित्रता से तय होता है, जन्म से नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल समाज की कुल देवी शबरी मैया हम सबके लिए सदैव आराध्य हैं, पूजनीय हैं, वंदनीय हैं। उन्होंने अपने चरित्र एवं सत्कर्मों से पूरे वनवासी और जनजातीय समाज का मान बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शहडोल जिले की ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गंधिया स्थित सीतामढ़ी धाम में माता शबरी जयंती पर आयोजित जनजातीय हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी परिसर में शबरी मैया की एक सुंदर प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम गंधिया से शहडोल जिले के लिए 747 करोड़ 91 लाख रुपए की लागत वाले 139 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इसमें 613 करोड़ रुपए से अधिक लागत से 79 कार्यों का लोकार्पण तथा 134 करोड़ रूपए से अधिक लागत के 60 कार्यों का भूमि पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण हमारी प्राथमिकताओं में है। प्रदेश में पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत 98 करोड़ 30 लाख रुपए और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 401.56 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया जा चुका है। हमारी सरकार ने जनजातीय समाज के नायकों की गौरव गाथाओं को शैक्षिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है।