ग्वालियर में लगाया गया 7 दिन का कोरोना कर्फ्यू

ग्वालियर. ग्वालियर शहर लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते कलेक्टर ने क्राइसेज मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक बुलाई। बैठक में लॉकडाउन लगाने को लेकर निर्णय लिया गया है। ग्वालियर में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से 7 दिनों के लिए कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। यह फैसला आज क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में लिया गया है। सोमवार की देर शाम को कोरोना संक्रमण का ग्वालियर में महा विस्फोट हुआ, 1741 सैंपल में से 576 नए कोरोना संक्रमित मिले है सिर्फ 5 दिन में कोरोना संक्रमित का आंकड़ा 20 हजार से बढ़कर 22 हजार के पार हो गया है। धीरे-धीरे कोरोना संक्रमण की स्पीड बढ़ती जा रही है साथ ही सोमवार को 6 संक्रमित की मौत हुई है। कुल मौत का आंकड़ा 336 हो गया है। लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सोमवार की शाम को जिला प्रशासन ने सभी धार्मिक संस्थानों व स्थान पर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है साथ ही भीड़ न एकत्रित करने की निर्देश जारी किए है।

लॉकडाउन 15 अप्रैल सुबह 6 से 22 अप्रैल सुबह 6 बजे तक

ग्वालियर में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 7 दिन का लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया गया है। यह लॉकडाउन 15 अप्रैल सुबह 6 से 22 अप्रैल सुबह 6 बजे तक रहेगा। दूध, सब्जी, दवा समेत आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है। मंगलवार दोपहर क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में सात दिन के लॉकडाउन पर सहमति हो गई है। त्योहार का समय है इसलिए बीच में एक दिन का समय लोगों को खरीदारी करने के लिए दिया गया है, जबकि 16 अप्रैल से 20 अप्रैल तक लगातार शादियां हैं। जिनके घरों में शादी हैं उनके लिए टेंशन बढ़ गई है, क्योंकि लॉकडाउन के बीच काफी दिक्कतें आएंगी।

लॉकडाउन में इन्हें छूट

दूसरे राज्यों से मालवाहक वाहन व सेवाएं। अनाज मंडी और उपार्जन केंद्र।

दवा, राशन दुकानें (पीडीएस), अस्पताल, पेट्रोल पंप, बैंक एवं एटीएम, दूध और सब्जी (सिर्फ ठेले) की दुकानें, गैस एजेंसी ।

अखबार का वितरण करने वाले हॉकर्स को छूट रहेगी।

केंद्र व राज्य सरकार के साथ स्थानीय निकाय के अधिकारी-कर्मचारी के आने-जाने।

परीक्षा केंद्र आने-जाने वाले स्टूडेंट्स, इनसे जुड़े कर्मी व अधिकारी।

एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड सेवा।

वैक्सीनेशन के लिए आवागमन करने वाले नागरिक व कर्मी।

बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले।

औद्योगिक मजदूरों, उद्योगों के लिए कच्चा अथवा तैयार माल लाने-ले-जाने, उद्योगों के अधिकारियों व कर्मचारियों का आना-जाना।