होली पर पाबंदियों से विजयवर्गीय को आपत्ति, तोमर बोले- प्रोटोकॉल का पालन सबको करना चाहिए
ग्वालियर: मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को ध्यान में रखकर शिवराज सरकार ने राज्य में सख्ती बरती है. इंदौर और भोपाल समेत 13 जिलों में संडे लॉकडाउन लागू कर दिया गया है. साथ ही होली के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी गई है. इंदौर और भोपाल कोरोना के एपिसेंटर बने हुए हैं. इन दोनों शहरों के कलेक्टर्स ने निर्णय लिया है कि रविवार को लॉकडाउन के बाद होली के दिन सोमवार को भी लॉकडाउन जैसी सख्ती बरकरार रहेगी.
होली के त्योहार के दिन इन पाबंदियों को लेकर भाजपा के ही नेताओं ने विरोधी सुर अलापा है. इनमें कैलाश विजयवर्गीय एक प्रमुख नाम हैं. उनके होलिका दहन रोकने को अनुचित बताने वाले ट्वीट पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने असहमति जताई है. उन्होंने कहा, “कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकना इस समय सबसे प्राथमिकता में है. आम आदमी की सुरक्षा की दृष्टि से प्रोटोकॉल बनाया गया है, उसका पालन सबको करना चाहिए.”
वहीं किसानों के आंदोलन को लेकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, “किसान आंदोलन के नेता जिस दिन चाहेंगे कि उनको रास्ता निकालना है, सरकार उनसे बात करके रास्ता निकाल देगी.” बंगाल और असम चुनाव को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ”आज बंगाल और असम में पहले चरण का मतदान हो रहा है. मैं अभी गुवाहाटी से सीधा यही आया हूं. मुझे लगता है असम में भी पहले हमारी सरकार थी और बहुत अच्छा काम किया है. लोगों को ऐसा अहसास हुआ कि सरकार है. बंगाल में भी जिस प्रकार की अराजकता सरकार के संरक्षण में चल रही है, उसके बारे में भी सुनिश्चित हो रहा है कि हमारी सरकार बनेगी.”
आपको बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने होली पर इंदौर में लागू पाबंदियों को लेकर ट्वीट किया, ”होलिका दहन रोकना अनुचित इंदौर जिला प्रशासन ने होली दहन नहीं करने के आदेश दिए हैं. बेहद आपत्तिजनक फैसला है. मेरा आग्रह है कि प्रशासन इस फैसले पर पुनर्विचार करे. इससे जनता की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी.” भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी को बताया कि होलिका दहन तो होगा ही. वह क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के निर्णय से असहमत हैं. उन्होंने कहा कि मेरे मोहल्ले में कोविड नियमों के पालन के साथ पर्व पूजन भी होगा.