होशंगाबाद में DNA टेस्ट से तय हुआ कुत्ते का मालिक कौन! हैदराबाद भेजा गया था सैंपल
होशंगाबाद में एक दिलचस्प मामला सामने आया है. आपने अब तक जायदाद या नवजात बच्चे बदलने के विवाद में DNA टेस्ट की बात सुनी होगी, लेकिन होशंगाबाद में एक कुत्ते का झगड़ा डीएनए (DNA) रिपोर्ट आने के बाद सुलझा. टेस्ट रिपोर्ट के बाद यह तय हुआ कि इस कुत्ते का मालिक कौन है. इस डॉग के मालिकाना हक को लेकर 4 महीने से दो लोगों के बीच विवाद चल रहा था.
होशंगाबाद के देहात थाने में बीते साल नवंबर में दिलचस्प मामला आया था. एक लैब्राडोर नस्ल के कुत्ते पर दो लोग शादाब खान और कृतिक शिवहरे हक जता रहे थे. पेशे से पत्रकार शादाब खान का कहना था कि वह इसे पचमढ़ी से लेकर आए थे. वहीं, एबीवीपी से जुड़े कार्तिक शिवहरे ने बताया कि वह कुत्ते को बाबई से खरीद कर लाए थे. दोनों स्थान होशंगाबाद जिले में हैं. पुलिस की समस्या तब बढ़ गई जब कुत्ते ने दोनों मालिकों से पहचान दिखाई.
पुलिस ने तमाम तरीके से झगड़ा सुलझाने की कोशिश की और जब मामला नहीं सुलझा तो तय हुआ कि कुत्ते का डीएनए टेस्ट कराया जाए. वेटेनरी डॉक्टर ने कुत्ते के खून का सैंपल लिया और शादाब खान के दस्तावेज़ों के आधार पर इस लैब्राडोर कुत्ते को जन्म देने वाली डॉगी के खून के नमूने जांच के लिए हैदराबाद की लेबोरेटरी भेज दिया. हैदराबाद से आई डीएनए रिपोर्ट के बाद देहात थाना प्रभारी अनूप सिंह ने बताया कि 2020 का प्रकरण था. टेस्ट रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि डॉग का मालिक शादाब खान हैं. मामले में जो भी विधि संगत कार्रवाई होगी वो की जाएगी.
टाइगर नहीं ये कोको है
शादाब खान का कहना था कि उनका कोको नाम का काले रंग का कुत्ता अगस्त में खो गया था. उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट भी की थी. हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की. शादाब खान ने इस बीच पुलिस को फोन करके सूचना दी कि उनका लापता कुत्ता उन्होंने कृतिक शिवहरे के घर पर देखा है. उन्होंने कुत्ते का रजिस्ट्रेशन पुलिस को दिखाया, लेकिन शिवहरे का कहना था ये कोको नहीं टाइगर है और वो इसे 11 अगस्त को बाबई से खरीद कर लाए थे.