नई प्रॉपर्टी घर की लक्ष्मी के नाम तो रजिस्ट्री पर मिलेगी 2% की छूट
यदि कोई व्यक्ति मकान, घर सहित नई प्रॉपर्टी घर की लक्ष्मी (मां, बहन, बेटी, पत्नी) के नाम खरीदता है, तो उसे रजिस्ट्री में 2 फीसदी की छूट मिलेगी। यह घोषणा सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मोती लाल नेहरू स्टेडियम में हुए ‘नारी तू नारायणी’ कार्यक्रम में की। प्रदेश में अभी शहरी क्षेत्र में रजिस्ट्री दर 12.50% है तो ग्रामीण में 10.50%। दो फीसदी की छूट के बाद शहरी रजिस्ट्री 10.50% और गांवों में 8.50% हो जाएगी।
इसके अलावा शिवराज ने कहा- आजीविका मिशन से जुड़े स्व. सहायता समूहों को बैंकों से अब 2% ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा। बाकी ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। अभी यह कर्ज सीमा 4% है। इसके अलावा सरकार महिलाओं के लिए 100 करोड़ रुपए के फंड से नारी सम्मान कोष बनाएगी। इससे जरूरतमंद महिलाओं की मदद की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आईं महिलाओं से सीधा संवाद भी किया।
नारी का सम्मान... आज मैं हूं गृह मंत्री और मैं विधानसभा अध्यक्ष
एक घंटे गृह मंत्री रहीं, 12 आवेदन निपटाए
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर गृह मंत्री डाॅ. नरोत्तम मिश्रा के बंगले पर अलग ही नजारा था। यहां गृह मंत्री की कुर्सी पर महिला सिपाही मीनाक्षी वर्मा बैठीं। वैसे तो मीनाक्षी गृह मंत्री के शासकीय आवास पर तैनात रहती हैं, लेकिन महिला दिवस पर मिश्रा ने उन्हें कुछ घंटे का गृह मंत्री बनाया। इस दौरान मीनाक्षी ने महिलाओं की समस्याएं सुनीं, उनसे जुड़े एक दर्जन आवेदनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान गृह मंत्री मिश्रा और उनके ओएसडी व एडीजी अशोक अवस्थी बगल की कुर्सी पर बैठे रहे।
आसंदी पर बैठने का गौरव
(दूसरी तस्वीर) विधानसभा में सभापति झूमा सोलंकी को अध्यक्षीय आसंदी पर बैठाया गया। कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम महिला मार्शलों के साथ सदन में पहुंचे। उन्होंने प्रश्नकाल के लिए झूमा को आसंदी पर बैठने के लिए आमंत्रित किया।
यूं समझें... 2% छूट का फायदा
10 लाख की प्रॉपर्टी पर शहर-गांव दोनों जगह 20 हजार रुपए की बचत
अभी शहरों में 10 लाख की प्रापर्टी पर 12.50% की दर से रजिस्ट्री के 1.25 लाख रुपए लगते हैं। 2% छूट के बाद यह फीस 1.05 लाख रुपए होगी यानी 20 हजार रुपए का सीधा फायदा होगा। गांवों में अभी 1.05 लाख लगते हैं। छूट के बाद 85 हजार रुपए लगेंगे यानी 20 हजार रुपए का फायदा।
सिर्फ महिलाओं के लिए 7 घोषणाएं
जिन गांवों में तीन साल से बेटे-बेटी की संख्या बराबर, उन्हें 2 लाख का पुरस्कार।
38 लाख लाड़ली लक्ष्मियों की आईआईटी, आईआईएम, मेडिकल और इंजीनियरिंग में पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी।
संबल योजना की लाभार्थी महिलाओं को दो बच्चों के जन्म कुल 16 हजार रुपए मिलेंगे।
उमंग योजना में कक्षा 9वीं, 10वीं और 11वीं के लड़कों को लड़कियों की इज्जत करने के संस्कार सिखाए जाएंगे।
पंचायतों में नारी अदालतें लगेंगी, ताकि घर के छोटे झगड़े निपट जाएं।
गेहूं सहित फसलों की खरीदी अब महिला स्व-सहायता समूह करेंगे, जिसमें उनको कमीशन मिलेगा।
पीएम आवास समेत जितनी भी योजनाओं के तहत मकान बनेंगे, उनके दस्तावेज महिला के नाम पर भी होंगे। चाबी भी संयुक्त रूप से दी जाएगी।
लव जिहाद पर कानूनी प्रहार
धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक पास, नरोत्तम बाेले- हम ‘लव’ के नहीं, ‘जिहाद’ के खिलाफ
लव जिहाद रोकने के लिए लाया गया धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक-2021 सोमवार को विधानसभा में पारित कर दिया गया। सदन की मुहर लगने के पहले इस पर पक्ष-विपक्ष में जमकर बहस हुई। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि संविधान में पहले से ही इसके लिए व्यवस्था है। यह कानून अल्पसंख्यक समुदाय को भयभीत कर प्रदेश से भगाने का प्रयास है।
इसके जवाब में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है। हम ‘लव’ के नहीं, ‘जिहाद’ के खिलाफ हैं। कोई रफीक रवि बनकर, अजहर आशु बनकर, शकील सूरज बनकर हमारी बेटियों को छलेगा, तो हमें आपत्ति होगी।
कांग्रेस के गोविंद सिंह ने कहा- यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है। इसमें एक अपराध के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान है।
भाजपा के सीतासरन शर्मा बोले- वर्ष 1968 में जब वीरेंद्र सकलेचा यह विधेयक लाए थे, तब भी कांग्रेस ने विरोध किया था। इससे भय क्यों है।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि इस कानून की ज्यादा जरूरत आदिवासी बेटियों को है। उन्हें बहला कर मुसलमान व ईसाई बनाया जा रहा है।
(अंत में गृह मंत्री ने जवाब दिया। इसके बाद विधेयक पारित हो गया और सदन में जय श्री राम के नारे लगे)
विपक्ष की आपत्ति
इसकी कोई जरूरत नहीं थी, अल्पसंख्यक वर्ग को डराने करने का प्रयास
गृहमंत्री का तर्क
रफीक रवि, अजहर आशु बनकर बेटियों को छलेगा तो हमें आपत्ति