500 में से 11 मैरिज गार्डन ने कराया रजिस्ट्रेशन, बुकिंग से पहले जांच लें
अगले महीने किसी रेस्तरां में किटी पार्टी या बर्थ-डे पार्टी जैसे छोटे आयोजन से लेकर मैरिज गार्डन में शादी के लिए बुकिंग करना आपको मुश्किल में डाल सकता है। 50 से अधिक क्षमता वाले किसी भी आयोजन के लिए 31 मार्च से पहले नगर निगम में रजिस्ट्रेशन जरूरी है। यह अवधि पूरी होने में अब केवल तीन हफ्ते शेष हैं, लेकिन अब तक केवल 11 ने ही निगम के पास रजिस्ट्रेशन कराया है। राजधानी में 200 बड़े मैरिज गार्डन हैं। छोटे रेस्तरां से लेकर बड़े होटल्स तक सबको यदि शामिल कर लिया जाए तो शहर में 500 से अधिक ऐसे स्थान हैं, जहां किटी और बर्थ डे पार्टी से लेकर विवाह समारोह होते हैं।
मैरिज गार्डन संचालकों के साथ 2 महीने पहले हुई बैठक में निगम अफसरों ने उन्हें नए नियमों की पूरी जानकारी दे दी थी और यह भी साफ कर दिया था कि राज्य शासन द्वारा तय नियमों के अनुसार उन्हें 31 मार्च तक रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जबकि ज्यादातर बड़े मैरिज गार्डन संचालक अब भी रजिस्ट्रेशन कराने के मूड में नहीं है। उनका तर्क है कि पुराने नियमों के अनुसार उनके पास 31 मार्च तक का लाइसेंस है, इसलिए उन्हें 31 मार्च के बाद 3 महीने का अतिरिक्त समय मिलना चाहिए।
अब तक आए 30 आवेदन, इनमें 6 लालघाटी क्षेत्र के
मैरिज गार्डन को लेकर विवाद बहुत पुराना
राजधानी में मैरिज गार्डन के संचालन का विवाद बहुत पुराना है। नियम बनाने की कवायद भी लगभग दो दशक से चल रही है। इस बीच पूरे प्रदेश में ‘उज्जैन गाइडलाइन’ लागू की गई थी।
2014 से चल रही प्रक्रिया : निगम अफसरों ने बताया कि अब तक 30 आवेदन आए हैं। इनमें से 6 आवेदन लालघाटी क्षेत्र के मैरिज गार्डन के हैं। इन्हें लाइसेंस देने का मामला तो 2014 से लंबित है।
जगह कम, नियमों का पालन मुश्किल
छोटे रेस्तरां संचालकों का तर्क है कि 25 प्रतिशत स्थान पार्किंग के लिए सुरक्षित रखने की शर्त का पालन मुश्किल है, क्योंकि मार्केट में और रेस्तरां के आसपास इतनी जगह ही उपलब्ध नहीं होती है। इसके अलावा कई बार ग्राहक बिना सूचना के एक साथ आकर छोटी-बड़ी किटी पार्टी कर लेते हैं। ऐसे ग्राहकों से वे अलग से कोई शुल्क भी नहीं लेते।
जहां 50 से ज्यादा लोगों का कार्यक्रम हो सकता है, उसे मैरिज गार्डन माना जाएगा
हर वह निजी प्रॉपर्टी जहां पर 50 से अधिक लोगों का कार्यक्रम आयोजित हो सकता है, मैरिज गार्डन माना जाएगा।
विकास समिति, गृह निर्माण समिति आदि द्वारा सार्वजनिक पार्क स्थान के लिए चिह्नित स्थानों का उपयोग शादी समारोह के लिए नहीं हो सकेगा।
कुल क्षेत्रफल के 25% में पार्किंग होना चाहिए।
मैरिज गार्डन का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर उसे अवैध घोषित करके सील कर दिया जाएगा।
मैरिज गार्डन का रजिस्ट्रेशन शुल्क 5 हजार से 15,625 रुपए है। हर 3 साल में रिन्यू होगा।
हर साल 3750 रुपए से 18,750 रुपए तक उपभोक्ता शुल्क भी देना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना लगेगा।
हाईकोर्ट के आदेश पर बने हैं नियम, पालन करना जरूरी
मैरिज गार्डन के लिए राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर नए नियम बनाए हैं। हमने सभी संचालकों को साफ कर दिया है कि इनका पालन जरूरी है। 31 मार्च तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर अप्रैल से हम मैरिज गार्डन को सील करने की कार्रवाई करेंगे। - वीएस चौधरी कोलसानी, कमिश्नर, नगर निगम