कार्यपरिषद की बैठक में अनुमानित बजट प्रस्तुत, शोध कार्यों पर खर्च होंगे 4.32 करोड़ रुपए

जीवाजी यूनिवर्सिटी का वर्ष 2021-22 का बजट नई शिक्षा नीति को आधार बनाकर तैयार किया गया है। बुधवार को जेयू के टंडन हॉल में हुई कार्यपरिषद की बैठक में अनुमानित बजट प्रस्तुत किया गया। 135.84 करोड़ के बजट में 4.32 करोड़ रुपए शोध कार्यों पर खर्च होंगे। परीक्षा भवन में ऑनलाइन परीक्षा प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी 5 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया गया है।

वर्तमान में शहर के बाहर स्थित उन कॉलेजों में ही ऑनलाइन परीक्षा होती है जहां पर कंप्यूटर सेटअप इसके लिए मौजूद है। इसके अलावा मेडिकल साइंस, एग्रीकल्चर और आयुर्वेद के कोर्स शुरू करने के लिए 10 करोड़ रुपए खर्च करने का भी प्रावधान किया गया है। कार्यपरिषद के दो सदस्यों डॉ. मुनेंद्र सोलंकी और अनूप अग्रवाल ने बजट पर असहमति व्यक्त की।

इनका कहना था कि वित्त समिति से अधूरा बजट मंजूर करवाया गया है इसलिए वह इस पर असहमत हैं। बजट वार्षिक लेखा ऑडिट के साथ प्रस्तुत करना चाहिए था उसकी भी अवहेलना की गई है। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने की।

बैठक में रेक्टर प्रो. उमेश होलानी, रजिस्ट्रार प्रो. आनंद मिश्रा, प्रो. एसके शुक्ला, प्रो. पीके तिवारी, प्रो. मुकुल तेलंग, प्रो. रमा त्यागी, डॉ. शिवेंद्र सिंह राठौड, डॉ. मुनेंद्र सोलंकी, अनूप अ्रगवाल़ वीरेंद्र गुर्जर, डॉ. संगीता चौहान, जेयू की वित्त नियंत्रक सगीरा सिद्दीकी, वित्त विभाग के ज्वॉइंट डायरेक्टर योगेंद्र सक्सेना मौजूद रहे। बजट में संभावित घाटा 8.4 प्रतिशत है।

जानिए- बजट में क्या खास रहा

बजट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल आय 125 करोड़ रुपए व कुल व्यय 135.84 करोड़ का अनुमान है।
परीक्षा भवन में ऑनलाइन परीक्षा प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
यूनिवर्सिटी में संचालित विभिन्न ऑनर्स पाठ्यक्रमों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
बजट में सेमिनार, शोध संबंधी कार्यों के लिए 4.32 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय पुस्तकालय में ई जर्नल्स हेतु 2. 00 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है।
अध्ययनशालाओं में क्लास रूम की अधोसंरचना के लिए 1 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है।
नवीन सेंटर फॉर मेडिकल साइंसेज, आयुर्वेद एंड एग्रीकल्चर के भवन व अधोसंरचना के निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों व विज्ञान के आधारभूत पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहन देने की बात कही गई है।
दीक्षांत समारोह पर 15 लाख रुपए होंगे खर्च

कार्यपरिषद की बैठक में मार्च में होने वाले दीक्षांत समारोह के आयोजन पर 15 लाख रुपए खर्च किए जाने को प्रशासकीय तथा वित्तीय स्वीकृति दी गई। जेयू के शिक्षक, शोध छात्रों और छात्र- छात्राओं के लिए वर्ष 2021 में केंद्रीय ग्रंथालय मद से 11 इलेक्ट्रॉनिक रिसोर्सेस के सब्सक्रिप्शन व लाइसेंस के लिए प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गईं ।