हर मरीज की जानकारी पाेर्टल पर भरेंगे डॉक्टर, ताकि किसी बीमारी के ज्यादा मरीज आएं तो समय रहते कर सकेंगे रोकथाम

शहर में कोई बीमारी, महामारी का रूप ले, इससे पहले ही उस पर अंकुश लगाने के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल ने नया पोर्टल, इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) तैयार किया है। इस पोर्टल पर डेंगू, मलेरिया, निमोनिया, चिकनपॉक्स, कोरोना सहित 33 से अधिक बीमारियों के मरीजों की जानकारी रियल टाइम में अपलोड की जाएगी।

देशभर में एक अप्रैल से शुरू होने जा रही इस नई व्यवस्था में शहर के सभी शासकीय अस्पताल सहित स्वास्थ्य संस्थाएं व कुछ निजी अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए मेडिकल ऑफीसर, एएनएम, लैब टैक्नीशियन व फॉर्मासिस्ट को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यहां बता दें कि वर्तमान में अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों की जानकारी आईडीएसपी (एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम) के पोर्टल में भरी जाती है।

हर मरीज की बनेगी आईडी, एक क्लिक पर मिलेगी इलाज और जांच रिपोर्ट की जानकारी

अस्पताल में सबसे पहले मरीज की आईडी तैयार की जाएगी। इसमें नाम, मोबाइल नंबर व पहचान पत्र की जानकारी रहेगी। बाद में मरीज का नाम सर्च कर पूर्व के इलाज व जांच रिपोर्ट एक क्लिक पर मिल जाएगी।
लक्षणों के आधार पर डॉक्टर उसको दवाइयां देंगे। जांच की आवश्यकता होने पर टेस्ट लिखेंगे।
बीमारी की जानकारी डॉक्टर तथा दवाइयों और जांच संबंधी जानकारी फार्मासिस्ट द्वारा भरी जाएगी।
सभी एएनएम भी अपने-अपने क्षेत्र के संदिग्ध मरीजों की जानकारी अनमोल एप टैबलेट में भरेंगी। जरुरत पड़ने पर संदिग्ध को पास के अस्पताल में लेकर जाएंगी।
पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर बीमारियों का विश्लेषण होगा। इससे संबंधित बीमारी के संक्रमण का पता लगाने और रोकथाम करने में आसानी होगी।
अभी आठवें दिन मिलती है मरीजों की जानकारी

वर्तमान में शहर में किस बीमारी के ज्यादा मरीज मिल रहे हैं, इसकी जानकारी आठवें दिन मिलती है क्योंकि सभी स्वास्थ्य संस्थाओं से मरीजों की जानकारी सप्ताह के अंत में आती है। नई व्यवस्था के लागू होने से रियल टाइम में जानकारी मिलेगी। यदि किसी क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया के ज्यादा केस मिलेंगे तो तत्काल एक्शन ले लिया जाएगा। इससे बीमारी पर समय रहते अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

-डॉ. महेंद्र पिपरौलिया, जिला महामारी अधिकारी