शहर में पानी की किल्लत बढ़ी, जिला जल अभावग्रस्त घोषित, तिघरा में लॉस बढ़ा, नलकूप खनन पर रोक

गर्मी शुरू होते ही शहर में पानी किल्लत बढ़ गई है। कई क्षेत्रों से गंदा पानी आने एवं पानी न आने की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। पानी की कमी को देखते हुए बुधवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जिले को जल अभावग्रस्त घोषित करते हुए नलकूप खनन पर रोक लगा दी है। तेज धूप होने से तिघरा डैम में पानी का लॉस 2 एमसीएफटी से बढ़कर लगभग 2.50 एमसीएफटी तक पहुंच गया है।

अप्रैल-मई में यह लॉस 3 एमसीएफटी से ऊपर पहुंच जाएगा। शहर में आगामी दो माह में नई टंकियों से सप्लाई शुरू होने पर लगभग 1.5 एमसीएफटी पानी की मांग और बढ़ जाएगी। पानी की मांग को नियंत्रित करने के लिए पीएचई विभाग ने मुरार, थाटीपुर के कुछ हिस्सों में एक दिन छोड़कर सप्लाई शुरू कर दी है। लश्कर क्षेत्र में भी सप्लाई में कटौती की गई है।

शहर की प्यास बुझाने वाले तिघरा डैम का जलस्तर बुधवार को 726.85 फीट पर आ गया। यानी इसमें 1966 एमसीएफटी पानी शेष है। वर्तमान में तिघरा से शहर में रोजाना 8.50 एमसीएफटी पानी सप्लाई किया जा रहा है।

तिघरा डैम से पांच माह में चाहिए 1950 एमसीएफटी पानी, बचा है 1966 एमसीएफटी

अमृत योजना के तहत बनी टंकी में से कुछ टंकियों से पानी सप्लाई शुरू होने पर नगर निगम को लगभग 1.50 एमसीएफटी अतिरिक्त पानी की जरूरत पड़ेगी। ऐसी स्थिति में लगभग 10.50 एमसीएफटी पानी शहर में सप्लाई होगा। लगभग 3 एमसीएफटी लॉस होगा।

यानी तिघरा से प्रतिदिन 13.50 एमसीएफटी पानी कम होगा। कुल मिलाकर 5 माह में 1950 एमसीएफटी पानी की जरूरत होगी। तिघरा में फिलहाल 1966 एमसीएफटी पानी उपलब्ध है। ककैटो बांध से 300 एमसीएफटी पानी अगले माह किया जाएगा।

पानी की हर बूंद सहेजें

आगामी गर्मी में पानी की जरूरत को देखते हुए कलेक्टर ने ग्वालियर जिले काे जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। जिले में अब यह व्यवस्था होगी-

संबंधित एसडीओ की अनुमति के बिना नलकूप बोरिंग मशीन जिले की सीमा के भीतर न तो प्रवेश करेगी और न ही नलकूप खनन कर सकेगी।
जिले से होकर गुजर रही अन्य स्थानों पर जाने वाली मशीनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
राजस्व एवं पुलिस अधिकारी जिले में अवैध रूप से बोरिंग करते हुए मिलने वाली मशीनों को जब्त कर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराएंगे।
शासकीय योजनाओं एवं पीएचई द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए किए जाने वाले नलकूप खनन इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
नए एवं पुराने नलकूप सहित अन्य निजी जल स्त्रोतों का सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था के लिए जरुरत के मुताबिक अधिग्रहण किया जा सकेगा।
वर्ना दो साल की जेल होगी

इस आदेश का उल्लंघन करने पर 2 वर्ष तक के कारावास एवं 2000 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

मंत्री के क्षेत्र में गंदे पानी की शिकायतों के बाद अमला हुआ सक्रिय, साफ पानी आया

ग्वालियर. ऊर्जा मंत्री प्रध्युम्न सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर के वार्ड-6 में आने वाले बड़ा हनुमान मंदिर क्षेत्र, लधेड़ी और जहांगीर कटरा (जोशीना मोहल्ला) की गली के प्रवेश द्वार तक के मकानों में बुधवार की शाम को साफ पानी की सप्लाई हुई।

जहांगीर कटरा में सप्लाई देर रात को रक्कास टंकी से की जाएगी। इसके बाद गंदे पानी को चेक किया जाएगा। उचाड़िया बाबा के पास लाइन में लीकेज हो जाने से मंगलेश्वर रोड पर पानी नहीं पहुंच सका। मंगलवार को इन क्षेत्रों में गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतें आई थीं।

जहांगीर कटरा में साफ पानी और मंगलेश्वर रोड पर प्रेशर से पानी पहुंचाने के लिए पुरानी पानी की लाइन को बीच से ब्रेक किया गया। उसको अमृत प्रोजेक्ट में डली पानी की लाइन से जोड़ दिया गया। इसके साथ ही तीन जगह पानी की लाइन में गड्ढे कर ढक्कन (एंड कैप) लगाए गए हैं।