ऊर्जा मंत्री तोमर के इलाके में नलों में आया कीड़े वाला पानी

गर्मी तेज हाेने से पहले ही शहर में पेयजल सप्लाई का सिस्टम बिगड़ने लगा है। मंगलवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के चुनाव क्षेत्र उपनगर ग्वालियर के कुछ इलाकों में जहां गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया गया तो मुरार एवं थाटीपुर में एक दिन छोड़कर पानी देने से लोग गुस्से में हैं। जहांगीर कटरा में इतना गंदा पानी नलों से निकला कि उसमें कीड़े तैरते दिखे।

कुछ इलाकों में लोगों को हैंडपंप से पानी भरना पड़ रहा है। जल स्तर नीचे गिरने की वजह से थाटीपुर के सुरेश नगर में बोरिंग सूख चुकी हैं। खास बात ये है कि अमृत योजना के तहत 21 नई टंकियां तैयार हो चुकी हैं लेकिन इनसे जुड़े इलाकों में पानी सप्लाई नहीं किया जा रहा है। जबकि इन टंकियों का सीएम से शुभारंभ कराया जा चुका है।

जहांगीर कटरा: वार्ड-6 के इस इलाके में गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा है। स्थानीय रहवासी जगदीश अग्रवाल ने बताया कि बदबूदार पानी आया और उसमें कीड़े तैर रहे थे।

मुरार क्षेत्र: शहीद गेट, अकबगंज और घासमंडी में नलाें में पानी नहीं पहुंच रहा। पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता का कहना है कि दो-तीन दिन पहले तक रोज पानी आता था। अब एक दिन छोड़कर सप्लाई की जा रही है। कई इलाकों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

मंगलेश्वर रोड: स्थानीय निवासी कमलेश कुमार और हरीश ने कहा, घर तक पानी नहीं आ रहा है। उन्हें पानी के लिए हैंडपंप पर जाना पड़ता है। मंगलवार को इस समस्या से उन्हें जूझना पड़ा।
सुरेश नगर: यहां तीन बोरिंग में से दाे सूख चुकी हैं। तीसरी में भी जल स्तर कम हो गया है। पूर्व पार्षद दिनेश दीक्षित ने बताया कि बाेरिंग सूखने की वजह से पानी की सप्लाई एक दिन छोड़कर कर दी गई है।

मंत्री ने जताई नाराजगी, कांग्रेस नेता लाेगाें काे लेकर निगम मुख्यालय पहुंच गए

उपगनगर ग्वालियर में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर जहां ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने नाराजगी जताई और कहा कि जलसंकट होने पर जिम्मेदार लोगों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। वहीं कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने वार्ड-6 लधेड़ी स्थित जोशियाना मोहल्ला में हनुमान मंदिर के पास गंदे पानी की सप्लाई होने पर विरोध जताया।

उन्होंने मौके पर निगम अधिकारियों को बुलाया, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। अंत में वह लोगों के साथ गंदा पानी भरकर नगर निगम की जनसुनवाई में पहुंच गए। निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने कार्यपालन यंत्री जागेश श्रीवास्तव और आरके शुक्ला को टीम के साथ माैके पर भेजा। अधिकारियों ने दो-तीन दिन में समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया है।

लापरवाही... न तिघरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाई और न नया प्लांट चालू हुआ

एक तरफ शहर में जलसंकट की पदचाप सुनाई देने लगी है तो दूसरी ओर नगर निगम की लापरवाही जारी है। उदाहरण है तिघरा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट। 45 एमएलडी क्षमता के इस प्लांट से शहर के सभी इलाकाें में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इस कारण 7 एमएलडी क्षमता बढ़ाने की याेजना है लेकिन यह काम शुरू नहीं किया गया है। यदि ऐसा हाे जाता ताे दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 7 टंकियाें में 10-10 लाख लीटर पानी भरा जा सकता था।

उधर, काेराेना महामारी का बहाना बनाकर जलालपुर में बने नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम भी पिछड़ गया है। 31 मार्च तक इसे पूरा किया जाना चाहिए लेकिन उम्मीद नहीं है कि ये जल्द शुरू हाेगा। प्लांट के शुरू हाेने के बाद 43 टंकियों से पानी मिल सकेगा।