हाईकोर्ट पहुंचा मामला वन स्टॉप सेंटर में रह रही लड़की बोली- मामा के साथ रहना है
मप्र हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में एक अनूठा मामला सुनवाई के लिए पहुंचा। युवती ने खुद को बालिग बताते हुए वन स्टॉप सेंटर से निकालने की गुहार लगाई। युवती ने माता -पिता के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया और मामा छोटे लाल के साथ जाने की इच्छा जताई। हालांकि, कोर्ट के तलब करने के बाद भी मामा सुनवाई पर नहीं पहुंचा। अब इस मामले में कोर्ट ने पुलिस थाना कंपू को अगली सुनवाई पर युवती के माता-पिता और मामा को फिर से उपस्थित रखने का आदेश दिया है।
दरअसल, युवती ने पिछले साल पुलिस में यह कहते हुए शिकायत दर्ज कराई कि उसके माता-पिता जबरदस्ती उसकी शादी करना चाहते हैं, जबकि वह अभी और पढ़ना चाहती है। उस समय युवती के नाबालिग होने के चलते तत्कालीन एडीएम ने 6 अगस्त 2020 को वन स्टॉप सेंटर में भेजने का आदेश दिया। युवती ने वर्ष 2021 में याचिका दायर करते हुए वन स्टॉप सेंटर से निकालने का आग्रह किया है।
इस पर कोर्ट ने कंपू पुलिस को युवती के माता-पिता और मामा को सुनवाई के दौरान उपस्थित रखने का निर्देश दिया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। हालांकि, युवती ने सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष फिर दोहराया कि वह माता-पिता के साथ नहीं बल्कि मामा के साथ रहना चाहती है। इस पर कोर्ट ने एक बार फिर युवती के माता-पिता के साथ ही मामा को भी उपस्थित रखने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 3 मार्च को होगी।