जिन बसों के परमिट ओवरलोडिंग के कारण निरस्त किए थे, वे सड़क पर दौड़ती मिलीं, अफसरों को बताया तो बसें जब्त कीं

सीधी बस हादसे में 53 लोगों की मौत के बाद जागे परिवहन महकमे ने सड़कों पर उतरकर ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी। खुद ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मुकेश जैन ने ग्वालियर-मुरैना के बीच नेशनल हाईवे पर उतरकर क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने वाली 6 यात्री बसों के परमिट निरस्त करवाए। लेकिन इसके बाद भी यह बसें बेरोकटोक सवारियां ढो रही हैं। सोमवार को दैनिक भास्कर ने जब बस स्टैंड पर इसकी पड़ताल की तो परमिट निरस्त होने के बाद भी बसों के संचालक अवैध रूप से सवारियां भरते मिले।

आरटीओ बोलीं: बस का परमिट हमेशा के लिए निरस्त, हकीकत- सड़कों पर दौड़ती मिली

18 फरवरी को भास्कर ने मुरैना बस स्टैंड से चिन्नौनी-देवगढ़ रूट पर दौड़ने वाली (बस क्रं. एमपी-06-पी-0906) 32 सीटर बस में 120 सवारियां भरी थीं। आरटीओ अर्चना परिहार ने इस बस का परमिट निरस्त कर ऑपरेटर फिरंगी सिंह के नाम से दोबारा परमिट न देने की बात कही थी। लेकिन सोमवार दोपहर 1.16 बजे यह बस चिन्नौनी रूट से सवारियां लेकर लौटी और 2 बजे दोबारा रवाना हुई। भास्कर की सूचना के बाद परिवहन विभाग ने इसी दिन शाम 6.30 बजे इस बस को पकड़ लिया।

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने परमिट निरस्त कराया, फिर दौड़ने लगीं

19-20 फरवरी को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मुकेश जैन सड़कों पर उतरे और उन्होंने छह आेवरलोड बसों के परमिट निरस्त करने के निर्देश डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को दिए। इनमें बस क्रमांक एमपी-पी-0834 बस भी शामिल थी, जो मुरैना-ग्वालियर रूट पर चलती है। सोमवार दोपहर 1.15 बजे यह बस बस स्टैंड पर इस बस में सवारियां भर रही थीं। इसके कुछ देर बाद यह बस ग्वालियर रवाना हो गई।

भास्कर ने जानकारी दी तो कहा- हम चेकिंग प्वाइंट लगा रहे हैं, दो घंटे बाद पकड़ ली बस

दैनिक भास्कर ने शाम चार बजे परिवहन निरीक्षक सचदेव सिंह सिकरवार को निरस्त परमिट वाली बसें सड़कों पर दौड़ने की जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि आपकी जानकारी सही है। हमें भी इस तरह की सूचना मिल रही है। हम चेकिंग प्वाइंट लगा रहे हैं। भास्कर की जानकारी के दो घंटे परिवहन निरीक्षक ने परमिट निरस्त वाली बस पकड़कर सरायछोला थाने में रखवा दी।

अगर ऐसा है तो संबंधित बसों को राजसात कराएंगे

हमने जिन बसों के परमिट स्थाई रूप से खत्म किए हैं, तो आप हमें उन बसों के फोटो उपलब्ध कराएं। हम उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे।

-मुकेश जैन, कमिश्नर परिवहन विभाग मप्र