15 साल पहले बीएसपी ने पलट दी थी दिग्गी की सत्ता, अब शिवराज को भी है यही खतरा
15 साल पहले प्रदेश की सत्ता बदलने की सबसे बड़ी वजह ’बीएसपी’ थी। ’बीएसपी’ की वजह से राजनीति के चाणक्य कहलाने वाले दिग्गी राजा को उमा भारती के हाथों मात खानी पड़ी थी। लेकिन, एक बार फिर अब प्रदेश में ’बीएसपी’ का मुद्दा सियासी गलियारों में गर्माहट बढ़ाता दिख रहा है।
यहां ’बीएसपी’ मतलब बहुजन समाज पार्टी नहीं, बल्कि बिजली, सड़क और पानी है जिसे बीजेपी और प्रदेश में उसकी तत्कालीन नेता उमा भारती ने मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया था। 2003 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में उमा भारती ने भाजपा की तरफ से मोर्चा सभांलते हुये प्रदेश की जनता के सामने दिग्विजय सिंह सरकार की जिन विफलताओं को निशाना बनाया उनमें बिजली आपूर्ति सही ढंग से न होना, सड़कों की बदहाली और पीने के पानी की अनुपलब्धता मुख्य थीं। लेकिन, 15 साल के शिव’राज’ के बाद भी ’बीएसपी’ यानी बिजली, सड़क और पानी की हालत कमोबेश वैसी ही है, जैसी उस वक्त थी।
बिजली, सड़क और पानी ही वो मुद्दे थे जिनकी वजह से 230 विधानसभा सीटों वाले प्रदेश में 10 साल शासन करने वाली कांग्रेस महज 37 सीटों पर सिमट गई। उस वक्त लोगों के बीच एक चुटकुला भी चर्चित था कि यात्रा करते वक्त जब आपकी बस हिलने और बजने लगे तो समझ लीजिए कि आप एमपी की सीमा में प्रवेश कर गए हैं