बगैर लाइसेंस के साहूकारी, हर दिन का ब्याज; एक दिन भी चूके तो लगती है दोगुनी पेनाल्टी

सूदखोरी का धंधा अब लोगों के गले का फंदा बन गया है। बगैर लाइसेंस के यह धंधा करने वाले 20 से 30 प्रतिशत ब्याज पर पैसा उधार देते हैं। पहली किश्त में ही एक महीने की ब्याज की रकम काट ली जाती है। इसके बाद शुरू होती है, असली प्रताड़ना। कर्ज लेने वाले को हर दिन ब्याज भरना पड़ता है, अगर एक दिन भी ब्याज देने से चूके तो दोगुनी पेनाल्टी भरना पड़ती है। पांच दिन चूकने पर चार गुना पेनाल्टी और दस दिन ब्याज चूकने पर आठ गुना पेनाल्टी भरनी पड़ती है।

इस तरह कर्ज लेने वाला इन सूदखोरों के जाल में फंसता चला जाता है और अंतत: मौत ही उसे आखिरी रास्ता नजर आता है। इसी चक्रव्यूह में फंसकर राठौर पान भंडार के संचालक कन्हैयालाल राठौर ने अपनी जान गंवाई। तीन महीने में सूदखोरों की वजह से तीसरी जान गई। सूदखोरों की वजह से लगातार हो रही मौतों के बाद भी पुलिस गंभीर नहीं है। अब एसपी अमित सांघी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि अगर सूदखोर लोगों को प्रताड़ित कर रहा है तो उस पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाए।

कसेगा शिकंजा... सूदखाेराें ने लोगों को प्रताड़ित किया तो होगी एफआईआर

केस 1- मुरार के रहने वाले ऑटो चालक शाहिद खान ने दिसंबर में जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में जांच की गई तो पता लगा उसने 30 हजार रुपए कर्ज लिया था। जिनसे कर्ज लिया था, उन्हें मूल से अधिक ब्याज चुका दिया। फिर भी उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। उसने जहर खा लिया था।

केस 2- सिरोल के रहने वाले डेयरी संचालक नरेश पाल ने सूदखोरों से तंग आकर आत्महत्या की थी। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी।

मृतक का मोबाइल जब्त, परिजन के बयान दर्ज हुए, प्रताड़ित करने वालों पर होगी एफआईआर

राठौर पान भंडार के संचालक कन्हैयालाल राठौर की मौत की जांच की जिम्मेदारी एसपी ने एएसपी हितिका वसल को सौंपी है। एएसपी वसल ने बुधवार मृतक के परिजनों को सभी दस्तावेज लेकर बुलाया। मृतक का मोबाइल व अन्य दस्तावेज जब्त किए। कॉल डिटेल रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि उनसे किस-किसने फोन पर बात की। आखिरी बार फोन पर किसने धमकाया। परिजनों के बयान भी दर्ज हुए। जिसमें प्रताड़ित करने वालों के नाम परिजनों ने लिखाए हैं। यह वह लोग हैं, जो लगातार पैसे के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। इन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज होगा। यहां बता दें कि कन्हैयालाल राठौर ने सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें 14 सूदखोरों के नाम लिखे थे।

सूदखोरों का गणित

जैसे किसी ने 1 लाख रुपए 20 प्रतिशत ब्याज पर उधार लिए। उसे एक महीने का ब्याज 20 हजार रुपए काटकर 80 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके बाद हर दिन ब्याज की वसूली होगी। 20 हजार रुपए महीने का ब्याज हर दिन करीब 666 रुपए के हिसाब से वसूला जाएगा। एक दिन की चूक पर दोगुनी पेनाल्टी लगती है।